तो इसलिए शादी के समय लगाई जाती है गांठ, इसके पीछे का रहस्य बेहद अजीब…

शादी एक पवित्र बंधन है विवाह के परिणय सूत्र में बंधना सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारो का भी मेल होता है। शादी के समय कई पवित्र रस्मों काो निभाया जाता है। इन रस्मों के निभाने के पीछे धार्मिक अर्थ के साथ-साथ सांइस का भी अपना एक अर्थ छुपा है।

ऐसे ही फेरों के समय होने वाला गठबंधन केवल एक कपड़े की गांठ नहीं है। इस कपड़े की गांठ में भी कई रहस्य छुपे हुए हैं। शादी के समय में गठबंधन एक बहुत ही महत्वपूर्ण रस्म मानी जाती है। वर और वधु के बीच इस कपड़े की गांठ के कई मायने है।

गठबंधन एक परम्परा है जो सदियों से चली आ रही है। बुजुर्गों का मानना है कि गठबंधन करते समय उसमे सिक्का, हल्दी, पुष्प, दूर्वा, चावल, आदि को मिलाकर गांठ में बांधा जाता है इसका मतलब ये होता है कि धन पर दोनों का अधिकार होगा, दोनों आपसी सहमति से धन खर्च करेंगे।

फूल का अर्थ होता है कि दोनों एक-दूसरे को हमेशा खुश रखेंगे।

इस बार नवरात्रि के दिनों में भूल से भी न करना रोज किया जानें वाला यह काम, वरना अंजाम होगा…

हल्दी को गांठ में रखने से मतलब है कि दोनों एक दूसरे को बिमारी में ध्यान रखेंगे। एक दूसरे की सेवा करेंगे।

दूर्वा मतलब दोनों का जीवन कभी मुरझाए ना।

दोनों एक दूसरे के साथ पूरे परिवार को ध्यान रखें। घर में कभी भी धन की कमी न झेलनी पड़े इसके लिए गठबंधन गांठ में चावल भी बांध कर देते हैं।

 

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