शराब समझकर पी लिया बर्तन धोने का केमिकल, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत; गांव में पसरा मातम

भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। शादी समारोह में काम कर लौटे मजदूरों ने शराब समझकर बर्तन साफ करने वाला जहरीला केमिकल पी लिया। इस घटना में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।
शादी समारोह से घर तक पहुंचा जानलेवा रसायन
जानकारी के अनुसार, आलोली गांव निवासी रतन पुत्र मसरिया कंजर, उसकी पत्नी सुशीला देवी, जमनी देवी और बदामी देवी एक शादी समारोह में बर्तन धोने और साफ-सफाई का काम करने गए थे। शादी वाले घर में बर्तन चमकाने के लिए विशेष केमिकल मंगवाया गया था। काम समाप्त होने के बाद मजदूर उस केमिकल की कुछ बोतलें शराब समझकर अपने साथ घर ले आए। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह तरल पदार्थ जानलेवा साबित होगा।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल में तोड़ा दम
रात को घर पहुंचने के बाद चारों ने उस रसायन को शराब समझकर पी लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पेट में तेज जलन, उल्टियां और चक्कर आने लगे। घबराए परिजनों और ग्रामीणों ने सभी को गंगापुर अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान जमनी देवी, रतन कंजर, उसकी पत्नी सुशीला और शंकर कंजर की मौत हो गई। दो महिलाओं को गंभीर हालत में भीलवाड़ा रेफर किया गया। रास्ते में बदामी देवी ने दम तोड़ दिया, जबकि सनू (22) पत्नी पप्पूलाल कंजर की हालत नाजुक बनी हुई है।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
डॉक्टरों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान मृतकों के पेट में जहरीला तरल पाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह कोई तेज रसायन या शराब जैसा पदार्थ हो सकता है। वास्तविक कारण का खुलासा एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
पुलिस जांच में जुटी
भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जिस बोतल से केमिकल पिया गया, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह रसायन भीलवाड़ा की ही एक दुकान से खरीदा गया था। पुलिस दुकानदार से पूछताछ कर रही है कि यह केमिकल किस उद्देश्य से बेचा गया और उस पर चेतावनी या सुरक्षा संबंधी निर्देश क्यों नहीं थे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पूरे गांव में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी अन्य व्यक्ति ने भी उस रसायन का सेवन तो नहीं किया है।
परिजनों को सहायता का आश्वासन
कलेक्टर ने बताया कि मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी। यदि किसी का पंजीकरण नहीं है, तो मुख्यमंत्री सहायता कोष से राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
गांव में पसरा सन्नाटा
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से आलोली गांव में मातम छा गया है। हर तरफ सन्नाटा पसरा है और परिजन बदहवास हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबी और जागरूकता की कमी के कारण यह हादसा हुआ। शादी की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।





