शरद पूर्णिमा की रात चांद के सामने रखें ये एक चीज, मिलेगा लक्ष्मी का आशीर्वाद होंगे मालामाल

शरद पूर्णिमा पर रात में चांद से अमृत बरसता हैं, इस दिन माँ लक्ष्मी का जन्म हुआ जबकि कृष्ण कन्हैया ने भी वृंदावन में गोपियों के साथ रासलीला करी थी,आश्विन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा आती हैं जिसमे चंद्रमा की किरणों में अमृत भर जाता हैं जो यह किरणे हमारे लिए बहुत लाभप्रद साबित होती हैं। 
शुभ मुहूर्त :- शरद पूर्णिमा 23 अक्टूबर को रात 10:34 बजे शुरू हो जाएगी जो 24 अक्टूबर को रात 10:10 बजे तक चलेगी इस दिन उजले चावलों की खीर बनाकर आसमान के नीचे कुछ घंटो तक रखा जायेगा जबकि रात में 12 बजे के बाद इसको खाने की परम्परा होती हैं।
-इस शरद पूर्णिमा पर व्रत करने वाले लोगो के सभी संकट दूर हो जाएंगे, विवाहित औरते अगर व्रत करेगी तो उनको संतान की प्राप्ति होगी जबकि मायें अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना हेतु व्रत करती हैं।
-कंवारी कन्याएं अगर व्रत करेगी तो उनको मनचाहा वर मिलेगा जबकि ब्याह में आ रही अड़चने दूर होएंगी, इस दिन चन्द्रमा का प्रकाश बहुत ज्यादा चमकीला होता हैं जबकि इसकी किरणों से अमृत बरसता हैं, चन्द्रमा की किरणें आपको रोगो से मुक्त कराती हैं।
-इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें उनको लाल रंग के आसन पर विराजमान कराये, कपूर, धूपबत्ती करने के साथ दीपक से पूजा करे, लक्ष्मी मंत्र और चालीसा का जप करने के बाद मां लक्ष्मी की आरती से पूजा को सफल बनाए, इस दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाएं जबकि अपनी क्षमता अनुसार भेंट करें।





