विधान परिषद सदस्य और मुलायम के करीबी नरेंद्र भाटी एक बार फिर SP का झंडा करेंगे बुलंद…

 पिछले लंबे समय से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से दूरी बनाए हुए पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी एक बार फिर गौतमबुद्धनगर ही नहीं, बल्कि में सपा का झंडा बुलंद करेंगे। सूत्रों की मानें पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर के भाजपा में शामिल होने के बाद हाईकमान ने जिले में पार्टी के गिरते ग्राफ को बचाने के लिए उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी है।

सक्रिय हुए पूर्व मंत्री

समाजवादी पार्टी हाईकमान के आग्रह के बाद नरेंद्र भाटी ने अपने करीबी लोगों को फोन कर पंचर हुई साइकिल में फिर से हवा भरने के लिए गोटियां बैठानी शुरू कर दी है। हालांकि, उनके लिए साइकिल को दौड़ाना आसान नहीं होगा। सपा के कई कद्दावर नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उनके छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बिजेंद्र भाटी भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं।

जिले में भाजपा बढ़ी, सपा को लगा झटका

जिले में भाजपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जिले में भाजपा के सदस्यों की संख्या चार लाख से अधिक हो चुकी है। पिछले दिनों चले सदस्यता अभियान में करीब सवा लाख नए सदस्य भाजपा से जुड़े हैं। इनमें अधिकांश वो लोग हैं, जो सपा, बसपा और कांग्रेस में जुड़े हुए थे। ऐसे में सपा के गिरते ग्राफ को बचाना नरेंद्र भाटी के लिए कठिन चुनौती होगी।

तीन बार विधायक रह चुके हैं नरेंद्र भाटी

दरअसल, गौतमबुद्धनगर में सपा को खड़ा करने वाले नेता नरेंद्र भाटी ही हैं। वे सिकंद्राबाद विधान सभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। पहले मुलायम सिंह यादव और बाद में अखिलेश यादव सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट से भी वे दो बार सपा के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि, दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2014 में पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर बसपा छोड़कर सपा में आ गए। सुरेंद्र नागर की अखिलेश यादव के साथ नजदीकियों की वजह से नरेंद्र भाटी हाशिए पर चले गए। हालांकि, पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाया।

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