विधानसभा का सत्र आज से, प्रदूषण पर भाजपा सरकार को घेरेगी आप

दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत उपराज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं का खाका रखा जाएगा। सत्र के पहले दिन सदन में शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा। चार दिवसीय विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक चलेगा। जरूरत पड़ने पर दिन बढ़ाए जा सकते हैं।
विधानसभा सत्र का पहला दिन पूरी तरह औपचारिक कार्यवाही के लिए तय किया गया है। सुबह 11 बजे राष्ट्रगान से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। उसके ठीक दो मिनट बाद उपराज्यपाल सदन को संबोधित करेंगे। अभिभाषण खत्म होने के बाद एक बार फिर राष्ट्रगान होगा। उसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही उपराज्यपाल के संबोधन के 30 मिनट बाद शुरू की जाएगी।
समय का रहेगा विशेष ख्याल
विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे सुबह 10.45 बजे तक अपनी सीटों पर अनिवार्य रूप से बैठ जाएं। इसके लिए गणपूर्ति की घंटी नहीं बजाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यक्रम समय पर और व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके।
ये सत्र राजनीतिक-प्रशासनिक लिहाज से अहम
सत्र के दौरान सदन में सबसे पहले निधन संबंधी उल्लेख किए जाएंगे, जिनमें हाल ही में दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। उसके बाद विधानसभा सचिव द्वारा उपराज्यपाल के अभिभाषण की हिंदी और अंग्रेजी प्रति सदन पटल पर रखी जाएगी, ताकि सभी सदस्य उसे आधिकारिक रूप से देख सकें। कार्यसूची में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् भी शामिल किया गया है। इस सत्र के जरिए सरकार अपनी नीतिगत सोच, विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट संकेत देगी।
आने वाले दिनों में सत्र के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की भी संभावना है। इसमें सीएजी की रिपोर्ट पटल पर रखी जानी है। रिपोर्ट में शीश महल, आम आदमी मुहल्ला क्लीनिक, लाडली योजना और आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान प्रचार पर हुए कथित अंधाधुंध खर्च जैसे मुद्दे शामिल होंगे। फांसी घर विवाद से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर से सदन में चर्चा का विषय होगा। इन सभी मुद्दों पर जोरदार बहस होना संभव है।
शीतकालीन सत्र में प्रदूषण पर भाजपा सरकार को घेरेगी आम आदमी पार्टी
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आम आदमी पार्टी (आप) वायु प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। आप विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने कहा कि शीतकालीन सत्र में उनकी पार्टी के लिए प्रदूषण सबसे अहम मुद्दा रहेगा और इस पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की जाएगी।
संजीव झा ने कहा कि पिछले तीन महीनों से दिल्ली के लोग गंभीर प्रदूषण से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे हेल्थ इमरजेंसी तक बताया है। उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछले एक दशक में दिसंबर का महीना सबसे अधिक प्रदूषित रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण पर ठोस कदम उठाने के बजाय एक्यूआई के आंकड़ों में हेरफेर कर रही है। संजीव झा ने दावा किया कि प्रदूषण मापने वाली मशीनों के पास पानी का छिड़काव कराया गया, ताकि रीडिंग कम दिखाई जाए और जनता को गुमराह किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आप नेता ने कहा कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ा है। कई परिवारों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े और विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ा है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई।
संजीव झा ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने दावा किया था कि नवंबर-दिसंबर में दिल्लीवासियों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिलेगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही। “आप” विधायक सदन में यह सवाल उठाएंगे कि 10 महीनों में ऐसा क्या किया गया जिससे प्रदूषण कम हो सके और अगर नहीं किया गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण के अलावा भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। महिलाओं को 2500 रुपये देने की घोषणा, होली-दिवाली पर मुफ्त और सस्ते सिलेंडर का वादा, जलभराव से हुई मौतें और यमुना प्रदूषण जैसे मुद्दों पर भी भाजपा सरकार से जवाब मांगा जाएगा। संजीव झा ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी प्रदूषण को लेकर गंभीर है और दिल्ली की जनता के हित में सरकार से हर सवाल का जवाब सदन में लेगी।
शीतकालीन सत्र में मर्यादा से ही चलेगी विधानसभा -गुप्ता
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि सत्र के दौरान सदन मर्यादा से ही चलेगा। सदन की कार्यवाही सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से संचालित की जाएगी। उन्होंने विधानसभा भवन में व्यवस्थाओं और तकनीकी तैयारियों की समीक्षा की।
अध्यक्ष ने विधानसभा सचिवालय और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विधानसभा की तैयारियों को जाना। उन्होंने सभी सदस्यों से कहा है कि सदन की कार्यवाही के दौरान अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी हों, ताकि सत्र के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए। विधानसभा का चौथा सत्र 5 से 8 जनवरी तक चलेगा।
समीक्षा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के भीतर बैठने की व्यवस्था, सदस्यों की डेस्क, डिजिटल सिस्टम और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बेहतर तालमेल और सटीक योजना से ही सदन की कार्यवाही सुचारु ढंग से चलाई जा सकती है। इस सत्र में विधायक राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के माध्यम से कामकाज करेंगे। इसके लिए सदन में सभी विधायकों की मेज पर टैबलेट लगाए गए हैं। इससे प्रश्न, प्रस्ताव और अन्य विधायी कार्य डिजिटल रूप से पूरे किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी।





