विधवा मां की एकमात्र सहारा थी बेटी, हैवान ने जिंदा जलाकर छीन ली सारी खुशियां…

युवती को जिंदा जलाए जलाने के प्रयास की घटना से उसकी विधवा मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। युवती, विधवा मां का एकमात्र सहारा है। युवती के पिता का पांच वर्ष पूर्व बीमारी के चलते निधन हो गया था। एक बड़ी बहन है, जिसका विवाह हो चुका है। 
वर्ष 2013 में बीमारी के चलते पिता का निधन होने के बाद युवती की मां किसी प्रकार उसे पढ़ा रही थी। घटना के बाद से युवती की मां अपना होश नहीं संभाल पा रही हैं। वे बार-बार बेसुध हो रही हैं। युवती के मामा ने बताया कि परिवार के पास आय का कोई साधन नहीं है। परिवार जैसे-तैसे भरण पोषण कर रहा था, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
पौड़ी जिले की कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की 18 वर्षीय युवती रविवार को परीक्षा देकर घर लौट रही थी। रास्ते में गहड़ गांव निवासी मनोज ने उससे जबरदस्ती करनी शुरू कर दी। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी ने उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। पुलिस ने छात्रा को पहले जिला चिकित्सालय पौड़ी पहुंचाया पर वहां से मेडिकल कॉलेज श्रीनगर रेफर कर दिया गया।
बाद में छात्रा को यहां से भी रेफर करते हुए एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया। करीब 70 फीसदी झुलसी छात्रा की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं रविवार देर शाम पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे कोर्ट में भी पेश किया गया जिसके बाद उसे रिमांड पर ले लिया गया।
युवती को जिंदा जलाने के प्रयास की घटना के मामले में युवती की दादी ने राजस्व पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। राजस्व उपनिरीक्षक मेहराज अहमद ने बताया कि पीड़िता की दादी की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भादंसं की धारा 354, 307 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार छात्रा का 70 प्रतिशत शरीर आग लगने से झुलस चुका है। युवती की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। एम्स में चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई हैं। घटना के बाद से ही छात्रा के गांव में दहशत का माहौल है। गांव के ग्रामीण एम्स ऋषिकेश में डेरा जमाए बैठे हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने पहुंचकर आग से झुलसी युवती की प्रगति रिपोर्ट जानी।





