लिव-इन रिलेशन में रोड़ा बन रहे महिला के बेटे को ऐसे दी मौत, फिर बनाई ये कहानी

लुधियाना. लिव-इन रिलेशन में रह रहे युवक ने महिला के सात साल के बेटे को अपने रास्ते का रोड़ा समझ उसकी हत्या कर दी। फिर झूठी कहानियां बनाई, लेकिन पकड़ा गया। पुलिस ने मुंडियां खुर्द इलाके में सात साल के बच्चे अभिजोत सिंह का कत्ल कर फरार होने वाले आरोपी मनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को जमालपुर चौक से बस चढ़ते समय गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने कत्ल करने के बाद मौत को हादसा बनाने के लिए बच्चे को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया था। मगर बच्चे के घरवालों से आंख बचाकर भागने के कारण आरोपी पकड़ा गया।
आरोपी की पहचान मुंडियां खुर्द के रहने वाले मनजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने अभिजोत की लाश का सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद घरवालों के हवाले कर दी। आरोपी को मंगलवार अदालत में पेश किया गया। एडीसीपी-4 राजवीर सिंह ने बताया कि मरने वाले बच्चे अभिजोत सिंह की हत्या करने के बाद आरोपी वहां से भाग निकला था। उसके बाद वह पुरी रात वह सड़कों पर ही इधर-उधर घूमता रहा।
चौकी मुंडियां कलां के इंचार्ज एएसआई अश्वनी कुमार को सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि आरोपी शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जमालपुर चौक में आरोपी को बस चढ़ते समय काबू कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अभिजोत की मां मनदीप कौर से शादी करना चाहता था। लेकिन वह शादी नहीं करना चाहती थी। मनजीत को लगता था कि शायद अभिजोत के कारण वह शादी नहीं कर रही। इस कारण वह उसे अपने रास्ते का रोड़ा समझने लग गया। इसी वजह से वह अकसर उसे मारने की फिराक में रहता था।
पहले गला दबाकर हत्या की, फिर सीढ़ियों से नीचे फेंक, दिया हादसे का रूप…
एएसआई अश्वनी कुमार ने बताया कि आरोपी दो दिसंबर को मोटरसाइकिल पर सवार होकर मनदीप कौर को ब्यास राधास्वामी डेरे पर छोड़ आया। मगर वह खुद काम होने की बात कहकर वापस गया। मनदीप डेरे से अपने घर गुरदासपुर चली गई। इसके बाद वह पड़ोसियों के घर रुके अभिजोत को साथ लेकर कमरे में चला गया और उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को हादसा बनाने के लिए उसने लाश घर की सीढ़ियों से नीचे फेंक दी और शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा कर लिया।
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आरोपी ने देर रात करीब डेढ़ बजे मनदीप को फोन कर अभिजोत के सीढ़ियों से गिरने की बात कहकर वापस बुला लिया। जब सुबह मनदीप और उसका पति बोधराज फोर्टिज हॉस्पिचल पहुंचे तो आरोपी उन्हें बच्चे की मौत होने की बात कह बिल देने के लिए पैसे इकट्ठे करने की बात कह चला गया। मगर बाद में मामले का खुलासा हुआ। गौर हो कि मनदीप और मनजीत लिव-इन रिलेशन में रहते थे। मनजीत उससे शादी करना चाहता था। इसी वजह से उसने मनदीप के सात साल के बेटे की हत्या कर दी थी। मामले में थाना जमालपुर पुलिस ने बोधराज के बयानों पर मनजीत के खिलाफ हत्या का पर्चा दर्ज किया था।





