लालू के ‘इमोशनल स्टेप’ से एक हुए तेजस्वी-तेजप्रताप, अब एलपी मूवमेंट के लिए भरेंगे हुंकार

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के दोनों बेटे यानि तेजस्वी-तेजप्रताप यादव की जोड़ी एक बार फिर से साथ होगी. पिछले कुछ समय से अलग-अलग चल रहे दोनों भाईयों को उनके पिता लालू ने फिर से मिलवाया है.
लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पिता की बात मानते हुए अपना दिल बड़ा कर लिया है और अर्जुन यानि तेजस्वी के साथ चलने का मन बनाया है. लालू यादव के लिए दोनों भाइयों ने अपने सारे मनभेदों को मिटा दिया है और एक नए तेवर के साथ तेज-तेजस्वी अब एलपी मूवमेंट के लिए हुंकार भरेंगे.
तेजप्रताप-तेजस्वी की विचारधारा में भले हीं कोई मेल ना हो, दोनों की राहें भले हीं जुदा-जुदा हों, दोनों के तेवर में भी भले ही बड़ा फर्क हो लेकिन पिता लालू प्रसाद के लिए इन दोनों ने अपने सारे मनभेद तत्काल मिटा लिए हैं. तीसरी शक्ति बनकर लालू ने अपने दोनों बेटों को एकसाथ कर लिया है अब पिता के लिए तेज-तेजस्वी एक साथ आंदोलन करेंगे.
दोनों भाइयों में बढ़ती हुई दूरियों को देखकर लालू यादव ने एक बड़ा इमोशनल दांव खेला हैं. पारिवारिक सूत्र बताते हैं कि लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप से यह संकल्प लिया है कि अगर वो अपने पिता के लिए कोई आंदोलन करते हैं तो उसमें वो अपने छोटे भाई तेजस्वी को जरूर साथ रखेंगे. चूकि तेजप्रताप अपने पिता को बेहद प्यार करते हैं ऊपर से वो एक बेहद भावुक इंसान भी हैं इसलिए उन्होंने पिता को दिए संकल्प को पूरा करने के लिए अपने फैसले को हीं बदल दिया.
तेजप्रताप के इस नए फैसले से आरजेडी के साथ साथ अब उनके सहयोगी भी राहत की सांस ले रहे हैं तो विरोधी इस पर भी चुटकी लेने में पीछे नहीं हैं. लालू यादव के इस पहल से उनके दोनों लाल एक साथ तो हो गए हैं लेकिन ये जोड़ी कब तक बरकरार रहेगी ये तो समय बताएगा लेकिन इस जोड़ी ने विरोधी खेमे में हलचल जरूर मचा दी है वो और बात है कि विरोधी अपने भीतर की बेचैनी को सबके सामने जाहिर करना नहीं चाहते.





