लाड़की बहिन योजना का नाम अजित पवार के नाम पर रखे सरकार, एनसीपी विधायक ने की मांग

एनसीपी विधायक ने ‘मुख्यमंत्री लाड़की बहिन योजना’ का नाम बदलकर दिवंगत नेता अजित पवार के नाम पर रखने की मांग की है। उन्होंने इसे अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। यह योजना महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद देती है। अजित पवार ने वित्त मंत्री रहते हुए इस योजना की एलान किया था।
महाराष्ट्र के एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी ने मंगलवार को एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री लाड़की बहिन योजना का नाम बदलकर दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नाम पर रखा जाना चाहिए। मिटकरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अजितदादा राज्य की महिलाओं के सबसे पसंदीदा भाई थे।
क्या बोले विधायक?
विधायक ने बताया, जब अजित पवार राज्य के दौरों पर निकलते थे, तो उनकी कलाई राखियों से भरी रहती थी। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार इस योजना का नाम ‘अजितदादाची लाड़की बहिन योजना’ रखती है, तो यह उनके लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार और चार अन्य लोगों की 28 जनवरी को पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में मौत हो गई थी।
अजित पवार ने शुरू की थी योजना
अजित पवार ने वित्त मंत्री रहते हुए इस योजना की घोषणा की थी। जुलाई 2024 में शुरू हुई यह योजना 21 से 65 साल की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाता है। माना जाता है कि 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत में इस योजना ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।
क्या बोले उप मुख्यमंत्री?
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को साफ किया कि सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं की बहुत मदद कर रही है। शिंदे ने यह भी भरोसा दिलाया कि सही समय आने पर इस सहायता राशि को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दिया जाएगा।





