लखनऊ में अगले चार वर्षों में प्लाट और घर खरीदना महंगा

चार साल बाद राजधानी में जमीनों और संपत्ति की दरों में इजाफा होगा। एक अक्टूबर से राजधानी में नया डीएम सर्किल रेट लागू करने की तैयारी है। इस बार के सर्किल रेट की खास बात है कि डीएम ने केवल शहरी क्षेत्र में ही जमीन और संपत्तियों की दरें बढ़ाने की बात कही है। ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी। 
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जागरण को बताया कि चार साल से राजधानी में सर्किल रेट का नवीनीकरण नहीं किया गया है। अब इसकी जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए इस बार नया डीएम सर्किल रेट लागू किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि जून के पहले सप्ताह से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाए ताकि एक अक्टूबर से नया सर्किल रेट लागू हो जाए।
15 से 20 फीसद तक इजाफा संभव : जिलाधिकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्र खासकर वह इलाके जहां पर तेजी से विकास हुआ है और संभावनाएं हैं, वहां पर सर्किल रेट की दरें सबसे अधिक होंगी। प्रस्तावित इजाफा 15 से 20 प्रतिशत तक माना जा रहा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट में कतई इजाफा नहीं होगा।
सर्वे कर डीएम को सौंपेंगे रिपोर्ट : आइजी निबंधन एसके त्रिपाठी का कहना है कि निबंधन विभाग की पूरी तैयारी है। प्रशासन से निर्देश मिलते ही टीमों के गठन और सर्वे की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। हमारा काम सर्वे कर डीएम को रिपोर्ट सौंपना होगा। किस क्षेत्र में जमीन की क्या दर होगी, इस पर अंतिम निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी।





