लखनऊ : जमीन अधिग्रहण करने पहुंचे अधिकारियों का किसानों ने किया विरोध, नहीं करने दी नाप-जोख

सरोजनीनगर। अमौसी स्थित इंडियन आयल तेल डिपो से चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट को जाने वाली पेट्रोलियम तेल पाइप लाइन डालने को लेकर जमीन का अधिग्रहण करने के लिए बुधवार को मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मियों और इंडियन आयल अधिकारियों का किसानों ने जमकर विरोध किया। उन्होंने जमीन की नाप जोख नहीं करने दी। किसानों का कहना है कि वह अपनी जमीन को किसी कीमत पर नहीं देंगे।
फिलहाल किसानों के विरोध के चलते जमीन की नाप जोख का कार्य नहीं हो सका। बताते चलें कि राजधानी के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों के लिए ईंधन आपूर्ति को लेकर सरोजनीनगर में अमौसी रेलवे स्टेशन के पास मौजूद इंडियन आयल पेट्रोलियम तेल डिपो से अमौसी एयरपोर्ट तक इंडियन आयल पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा भूमिगत पाइप लाइन पड़नी है।
इसके लिए करीब 26 फीट चौड़ाई में जमीन का अधिग्रहण होना है। बताया जाता है कि इस जमीन अधिग्रहण की जद में यहां हिंदू खेड़ा और अमौसी गांव के करीब 200 किसानों की जमीन आ रही है। इस भूमि अधिग्रहण को लेकर बीते फरवरी माह में किसानों को अपर जिलाधिकारी (भू अध्यप्ति -द्वितीय) द्वारा नोटिस दी गई थी। नोटिस मिलने के बाद किसानों ने स्थानीय पार्षद राम नरेश रावत एडवोकेट के कवरिंग लेटर के साथ अपर जिलाधिकारी (भू अध्यप्ति- द्वितीय) को पत्र भेज कर जमीन देने से मना कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद बुधवार को इंडियन आयल के कुछ अधिकारी और राजस्व कर्मी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने भूमि अधिग्रहण को लेकर जमीन की नाप जोख शुरू कर दी। मगर किसानों को इसकी जानकारी हुई तो भारी तादाद में वह अपने खेतों पर पहुंच गए और विरोध करने लगे। उनका कहना था कि हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। उनका का यह भी आरोप है कि उन्हें सर्किल रेट का चौथाई हिस्सा ही मुआवजा देने की बात कही जा रही है। जबकि किसानों को यहां पर सर्किल रेट का 3 गुना मुआवजा मिलना चाहिए। फिलहाल किसानों का विरोध होते देख सभी अधिकारी बिना नाप जोख किए ही वहां से वापस लौट गए। किसानों का कहना है कि इंडियन आयल तेल डिपो के अधिकारियों के अलावा अपर जिलाधिकारी (भू अध्यप्ति – द्वितीय) को वह जल्द ही ज्ञापन देकर अपनी जमीन का अधिग्रहण होने से रोकेंगे।





