रेटिनॉल से 11 गुना तेज असर करता है Retinal

स्किन केयर की दुनिया में रेटिनॉल को हमेशा से ही एंटी-एजिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड माना गया है। लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक नया ट्रेंड दिख रहा है।
लोग अपने पुराने रेटिनॉल को छोड़कर रेटिनल (Retinal) की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। आखिर इस बदलाव की वजह क्या है, और क्या यह आपके लिए सही है? आइए जानें इस बारे में।
रेटिनॉल से रेटिनल- क्यों बदल रही है पसंद?
इस स्विच के पीछे का मुख्य कारण बायो-अवेलेबिलिटी और स्पीड है। हमारी त्वचा रेटिनोइड्स को सीधे इस्तेमाल नहीं कर सकती; उसे इसे रेटिनोइक एसिड में बदलना पड़ता है।
रेटिनॉल- इसे त्वचा पर लगाने के बाद, यह पहले रेटिनल में बदलता है और फिर रेटिनोइक एसिड में। यानी यह दो चरणों वाली प्रक्रिया है।
रेटिनल- यह सीधे रेटिनोइक एसिड बनता है। रेटिनल, रेटिनॉल की तुलना में 11 गुना तेजी से काम करता है। यह कोलेजन प्रोडक्शन को जल्दी बढ़ाता है, झुर्रियों को तेजी से कम करता है और स्किन टेक्सचर में जल्द सुधार लाता है। साथ ही, रेटिनल में एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो इसे एक्ने-प्रोन स्किन के लिए रेटिनॉल से बेहतर ऑप्शन बनाते हैं।
क्या रेटिनल हर किसी के लिए सुरक्षित है?
रेटिनल काफी ज्यादा पोटेंट होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हर किसी के लिए सही है।
सेंसिटिव स्किन- रेटिनल, रेटिनॉल से ज्यादा असरदार है, इसलिए शुरुआत में यह जलन, रेडनेस या पीलिंग का कारण बन सकता है।
प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं- रेटिनोइड्स के किसी भी रूप (चाहे वह रेटिनॉल हो या रेटिनल) का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी के दौरान असुरक्षित माना जाता है।
एक्जिमा या रोजेशिया- अगर आपको त्वचा से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं, तो बिना डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के इसे न लगाएं।
रेटिनल लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप बिगीनर हैं, यानी आपने पहले रेटिनॉल का भी इस्तेमाल नहीं किया है, तो रेटिनल बिना डॉक्टर से पूछे बिल्कुल न लगाएं।
सैंडविच मेथड का इस्तेमाल करें- शुरुआत में अपनी त्वचा को इसकी आदत डालने दें। पहले मॉइस्चराइजर लगाएं, फिर रेटिनल की एक मटर के दाने जितनी बूंद और उसके ऊपर फिर से मॉइस्चराइजर। इससे जलन की संभावना कम हो जाती है।
कम से शुरुआत करें- इसे रोज न लगाएं। पहले हफ्ते में केवल 2 बार लगाएं। अगर आपकी त्वचा इसे स्वीकार कर लेती है, तो धीरे-धीरे इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ाएं।
सनस्क्रीन है जरूरी- रेटिनल आपकी त्वचा को सूरज की रोशनी के लिए बहुत सेंसिटिव बना देता है। अगर आप रात में रेटिनल लगा रहे हैं, तो अगली सुबह SPF 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
दूसरे एक्टिव्स के साथ न मिलाएं- जिस रात आप रेटिनल लगा रहे हैं, उस रात विटामिन-सी, AHA (ग्लाइकोलिक एसिड) या BHA (सैलिसिलिक एसिड) जैसे एक्टिव्स का इस्तेमाल न करें। इससे स्किन बैरियर डैमेज हो सकता है।





