रूट कैनाल कराने से कम होता है डायबिटीज और हार्ट डिजीज का रिस्क

अक्सर हम सोचते हैं कि ‘रूट कैनाल’ सिर्फ दांत के दर्द को ठीक करने का एक तरीका है। हम इलाज करवाते हैं, दर्द से राहत मिलती है और बात वहीं खत्म हो जाती है। हमें लगता है कि यह परेशानी सिर्फ हमारे मुंह तक ही सीमित है।
हालांकि, एक नई रिसर्च ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है। नए अध्ययन से पता चलता है कि दांत के इन्फेक्शन का इलाज आपके मुंह से आगे बढ़कर आपके ब्लड शुगर, शरीर की सूजन और यहां तक कि दिल की सेहत को भी सुधार सकता है।
चुपचाप शरीर में फैलता इन्फेक्शन
किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक क्लिनिकल स्टडी की। उन्होंने ‘एपिकल पेरियोडोंटाइटिस’ नामक एक आम डेंटल इन्फेक्शन के मरीजों पर अध्ययन किया। यह वह इन्फेक्शन है जो दांत की बहुत गहराई में होता है और अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक कि दांत में भयंकर दर्द शुरू न हो जाए।
शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में एक बहुत ही अहम बात पाई- यह इन्फेक्शन हमेशा एक ही जगह (यानी सिर्फ दांत में) नहीं रुकता। संक्रमित दांतों के बैक्टीरिया हमारे खून में मिल सकते हैं, जिससे पूरे शरीर में हल्की-हल्की सूजन होने लगती है।
रिसर्च के चौंकाने वाले नतीजे
इस स्टडी में ऐसे 65 मरीजों को शामिल किया गया जिन्होंने अपना रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाया था। शोधकर्ताओं ने इन मरीजों पर दो साल तक नजर रखी। इस दौरान उन्होंने केवल दांतों की नहीं, बल्कि मरीजों के खून की भी जांच की।
इलाज के बाद मरीजों में कुछ सकारात्मक बदलाव देखे गए:
ब्लड शुगर में गिरावट: इन्फेक्शन का इलाज होने के बाद, समय के साथ मरीजों के ब्लड शुगर के स्तर में कमी आई।
कोलेस्ट्रॉल में सुधार: कम से कम कुछ समय के लिए, मरीजों के कोलेस्ट्रॉल और फैटी एसिड के स्तर में सुधार देखा गया।
सूजन में कमी: शरीर की वह सूजन भी धीरे-धीरे कम हो गई जो अक्सर दिल की बीमारियों और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं का बड़ा कारण बनती है।
इसका सीधा-सा मतलब यह है कि आपके मुंह का इन्फेक्शन चुपचाप इस बात पर असर डाल सकता है कि आपका शरीर शुगर और फैट को कैसे कंट्रोल करता है। यह रातों-रात नहीं होता, बल्कि बैकग्राउंड में धीरे-धीरे चलता रहता है। इसलिए, दांत के इन्फेक्शन का इलाज सिर्फ दांत बचाने के लिए नहीं है, बल्कि यह शरीर से एक बड़े तनाव को दूर करने के लिए भी है।
एक्सपर्ट्स की राय
किंग्स कॉलेज लंदन की सीनियर क्लिनिकल लेक्चरर और इस रिसर्च की प्रमुख लेखिका, डॉ. सादिया नियाजी कहती हैं:
“हमारी रिसर्च यह दिखाती है कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट सिर्फ ओरल हेल्थ में सुधार नहीं करता, बल्कि यह डायबिटीज और दिल की बीमारी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकता है। लंबे समय तक रहने वाले दांतों के इन्फेक्शन से बैक्टीरिया खून में जा सकते हैं, जिससे सूजन, ब्लड शुगर और फैट का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि डेंटिस्ट इन इन्फेक्शन के बड़े असर को पहचानें और समय पर इसका इलाज करें।”
डेंटिस्ट की सलाह को न करें नजरअंदाज
शोधकर्ताओं ने यह साफ किया है कि रूट कैनाल हर बीमारी का कोई जादुई इलाज नहीं है, लेकिन यह रिसर्च इस बात की याद जरूर दिलाती है कि हमारा शरीर अलग-अलग हिस्सों में काम नहीं करता, बल्कि इसके सभी हिस्से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
दांत के एक आम से इन्फेक्शन का हमारी सेहत पर उससे कहीं ज्यादा असर हो सकता है जितना हम सोचते हैं। इसलिए, अगली बार जब आपका डेंटिस्ट आपसे कहे कि “इस दांत को इलाज की जरूरत है,” तो समझ लीजिए कि यह बात सिर्फ आपके दांत की नहीं, बल्कि आपकी पूरी सेहत की हो रही है।





