रिलेशनशिप में सिर्फ ‘अच्छी केमिस्ट्री’ के भरोसे न रहें, रिसर्च ने बताया क्यों टूट जाते हैं ऐसे रिश्ते

हम अक्सर मानते हैं कि अगर दो लोगों के बीच अच्छी ‘केमिस्ट्री’ है- जैसे वे साथ में क्यूट लगते हैं, या उन्हें एक जैसी जगहों पर घूमना-फिरना पसंद है, तो उनका रिश्ता बिल्कुल परफेक्ट है।
मगर क्या हकीकत में इतना ही काफी होता है? ‘जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटल थेरेपी’ में छपी एक नई रिसर्च ने इस बात का खुलासा किया है कि एक मजबूत रिश्ता बनाने के लिए अट्रैक्शन से ज्यादा किन चीजों की जरूरत होती है।
रिश्तों की गहराई पर नई स्टडी
इस स्टडी में सेक्स थेरेपी ले रहे 325 लोगों को शामिल किया गया। विशेषज्ञों ने यह समझने की कोशिश की कि बेडरूम के अंदर की प्राथमिकताएं और समाज में महिला-पुरुष की भूमिकाओं (कौन कमाएगा और कौन घर संभालेगा) को लेकर लोगों की सोच का उनके रिश्ते पर क्या असर पड़ता है।
इन जवाबों को बारीकी से समझने के बाद, शोधकर्ताओं ने लोगों को तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा:
डोमिनेंट होने की चाह रखने वाले (3.7%): यह स्टडी का सबसे छोटा हिस्सा था, जिसमें मुख्य रूप से पुरुष शामिल थे। ये लोग अपने संबंधों में पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे। महिला और पुरुष के काम को लेकर इनके विचार काफी अड़ियल थे, भले ही वे पारंपरिक हों या आधुनिक।
उलझन से भरे पारंपरिक लोग (15.4%): इस ग्रुप के लोग संबंधों में कोमलता तो चाहते थे, लेकिन पुरानी परंपराओं और नई समानता की सोच के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। इस दिमागी उलझन की वजह से ये अपने पार्टनर से भावनात्मक रूप से करीब नहीं आ पाते थे और अक्सर अपने रिश्ते से नाखुश रहते थे।
समानता में विश्वास रखने वाले समझदार पार्टनर: यह सबसे बड़ा ग्रुप था और इसमें ज्यादातर महिलाएं थीं। इनके लिए रिश्ते में किसी एक का डोमिनेंट होना जरूरी नहीं था, बल्कि ये आपसी प्रेम और मजबूत भावनात्मक जुड़ाव को तरजीह देते थे। इन्होंने समाज की पुरानी मान्यताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया।
खुशहाली का असली फॉर्मूला क्या है?
अध्ययन के नतीजे एकदम साफ थे- तीसरे ग्रुप वाले यानी ‘समानता में विश्वास रखने वाले’ लोग अपने रिश्तों में सबसे ज्यादा खुश और संतुष्ट पाए गए।
इससे यह बात साबित होती है कि जो कपल्स एक-दूसरे को बराबर का दर्जा देते हैं और पार्टनर पर कंट्रोल से ज्यादा फीलिंग्स को अहमियत देते हैं, उनका आपसी बॉन्ड बहुत गहरा होता है। एक जैसा सोचने का तरीका और एक-दूसरे के प्रति सम्मान रिश्ते को सुरक्षित बनाता है।
यह रिसर्च हम सभी के लिए एक बड़ी सीख है। अगर आप किसी के साथ अपना भविष्य देख रहे हैं, तो सिर्फ एक जैसी हॉबीज (जैसे एक जैसी फिल्में देखना या घूमना) होने पर ही खुश न हो जाएं।





