राम मंदिर पर वीएचपी ने दिया बड़ा बयान, कहा- ‘नहीं कर सकते कोर्ट के फैसले का इंतजार’

देश में राम मंदिर का मुद्दा आस्था और राजनीति की दृष्टि से हमेशा से ही प्रासंगिक रहा है। लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू होते ही अब इस मुद्दे पर फिर से रार मचना शुरू हो गया है।राम मंदिर पर वीएचपी ने दिया बड़ा बयान, कहा- 'नहीं कर सकते कोर्ट के फैसले का इंतजार'

इस मुद्दे पर आज विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में प्रेस वार्ता की। कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर की लड़ाई को हिंदू समाज लंबे समय से लड़ रहा है, यह लोकतंत्र की लड़ाई है। संत समाज और जनता हमारे साथ है। हम मंदिर के लिए और इंतजार नहीं कर सकते और सरकार जल्द से जल्द इसपर कानून बनाए।

वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि प्रयागराज के कुंभ में 31 जनवरी और 1 फरवरी को संत समाज मिलकर धर्म संसद में मंदिर के मुद्दे पर आगे की रणनीति पर फैसला करेगा। मंदिर मुद्दे पर कपिल सिब्बल पर बोलते हुए उन्होनें कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया और मामला लटकाने का आरोप लगाया। अलोक शर्मा ने कहा कि मंदिर मुद्दे पर सभी सांसदों से मुलाकात हो रही है, अभी वाराणसी के सांसद (प्रधानमंत्री मोदी) से मुलाकात नहीं हो पाई है।

इससे पहले एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 70 साल शासन करने वालों ने ही राम मंदिर के मुद्दे को लटकाया है। पीएम मोदी ने कहा कि 

कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते ही राम मंदिर की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। भाजपा के लिए भावात्मक मुद्दा होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि

हमने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। अभी इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद सरकार की जो भी जिम्मेदारी बनेगी, पूरी करेंगे।बता दें कि महाराष्ट्र और केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है।

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