रामायण में ‘रावण’ के किरदार के मरने पर क्यों रोए थे गांव वाले?

आज के समय में भी अगर किसी को माइथोलॉजिकल शो देखने होते हैं तो वह Youtube पर रामानंद सागर की रामायण ही देखता है। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली रामायण के हर किरदार ने फैंस के दिलों में एक अलग जगह बनाई है। क्या आपको पता है जब पौराणिक शो में रावण का श्रीराम ने वध किया था तो उनके गांव में शोक मनाया गया था।

कहते हैं कि एक किरदार तब जिंदा होता है, जब उसे निभाने वाला एक्टर उसमें जान फूंक देता है। ऑडियंस उन्हें उनके नामों से ज्यादा उन किरदारों से जानने लगती है। कुछ ऐसा ही थी रामानंद सागर के दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले पौराणिक शो ‘रामायण’ की कहानी भी। साल 1987 में आए इस शो को टेलीविजन पर ऑनएयर हुई ‘रामायण’ का हर किरदार लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

अरुण गोविल आज भी कहीं जाते हैं, तो उन्हें ‘श्रीराम’ समझकर उनके पैर छूते हैं। वहीं उनकी अर्धांगिनी माता सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया को भी उनके किरदार के लिए बहुत प्यार मिला। मंदोदरी हो या माता कौशल्या, शूर्पणखा हो या रावण लोगों उन्हें उनके नामों से ज्यादा उनके निभाए गए कैरेक्टर से जानते हैं। क्या आपको पता है कि जिस रावण को दशहरे पर जलाया जाता है, रामानंद सागर की रामायण में उसी रावण के मरने पर एक गांव में शोक मनाया गया था। क्या है रामायण से जुड़ा ये किस्सा, चलिए जानते हैं:

रावण के वध पर गांव में हुई थी शोकसभा
रामानंद सागर की 38 साल पहले दूरदर्शन पर आई रामायण (Ramayan) में रावण का किरदार अभिनेता अरविंद त्रिवेदी ने निभाया था। अब अभिनेता भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इस कैरेक्टर से वह लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा है। बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब शो के आखिर में रामायण में श्रीराम ने रावण का वध किया तो अरविंद त्रिवेदी के इंदौर (Indore) में स्थित गांव में लोगों ने शोकसभा मनाना शुरू कर दिया। उनकी आंखों से आंसू गिरने लगे।

इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स की मानें तो अरविंद त्रिवेदी ने रावण बनकर लोगों के दिलों में अपने किरदार की ऐसी छाप छोड़ी की हर कोई उनके बच्चों को ‘रावण’ और उनकी पत्नी को ‘मंदोदरी’ बुलाने लगे। अरविंद त्रिवेदी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके यह किरदार निभाने के बाद कुछ लोग उनसे असल जिंदगी में भी नफरत करने लगे थे, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि वह सचमुच में रावण हैं।

रावण के अलावा इन किरदारों से भी अरविंद हुए थे फेमस
दूरदर्शन पर रामायण अरविंद त्रिवेदी का दूसरा शो था, उससे पहले उन्होंने साल 1985 में विक्रम और बेताल में भी काम किया था, जिसमें एक्टर ने योगी का किरदार निभाया था। टीवी पर उनका लास्ट काम विश्वमित्रा में था, जो 1989 में ऑनएयर हुआ था और इसमें उन्होंने सत्यव्रता त्रिशंकु का किरदार निभाया था। टेलीविजन के साथ-साथ अरविंद त्रिवेदी ने बॉलीवुड में भी काफी काम किया।

Back to top button