रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक: जम्मू में सिलिंडर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग शुरू

घरेलू गैस उपभोक्ताओं की समस्या को दूर करने के लिए एजेंसियों पर सिलिंडर के स्टाॅक की ऑनलाइन माॅनीटरिंग शुरू हो चुकी है। तेल कंपनियों से लेकर प्रशासन अपने स्तर से आईवीआरएस और ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले ग्राहकों तक पहुंची डिलीवरी की रेंडम चेकिंग कराने की योजना पर काम शुरू किया है।

हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी में एलपीजी का उत्पादन क्षमता 1800 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 2200 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जा चुका है। इसका सीधा लाभ रसोई गैस के लिए परेशान ग्राहकों को मिलेगा। रिफाइनरी से दो दिन में जम्मू संभाग में गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग कराने वाले ग्राहकों की बुकिंग की संख्या को देखते हुए सिलिंडरों की आपूर्ति होगी। एजेंसी के गोदाम से सिलिंडर सीधे ग्राहक के घर डिलीवरी होगी।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए पानीपत रिफाइनरी को जम्मू-कश्मीर से विशेष डिमांड की गई। अब प्रशासन की प्राथमिकता में रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने से लेकर बुकिंग करा चुके उपभोक्ताओं के पते पर होम डिलीवरी कराना है। इसके लिए एजेंसियों को अपने स्टाक को रोजाना ऑनलाइन करना होगा।

जम्मू प्रशासन ने जिले में गैस स्टॉक की जांच करने और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी टीमों काे धरातल पर चेकिंग के उतारा है। ये टीमें डिस्ट्रीब्यूटरों के पास मौजूद स्टॉक का मिलान करके कालाबाजारी को रोकने का काम कर रही है।

इंडेन का वैकल्पिक नंबर जारी
इंडेन ऑयल के ग्राहकों को गैस बुकिंग कराने के लिए वैकल्पिक नंबर जारी जारी किया गया है। पंजीकृत मोबाइल से काॅल करके बुक कराने के लिए कंपनी ने 8927225667 और आईवीआरएस 839199007 है। अब अगर पहले से जारी नंबर पर बुकिंग नहीं हो रही है तो उपभोक्ता इन दोनों विकल्पों का प्रयोग कर सकता है।

फीडबैक सिस्टम लागू
चेकिंग के दौरान प्रशासन की टीमें ग्राहकों से यह भी पूछा सकती है कि उन्हें सिलेंडर निर्धारित समय में मिला या नहीं और क्या उनसे अधिक पैसे तो नहीं वसूले गए। प्रशासन यह ट्रैक करना चाहता है कि रिफाइनरी से निकला स्टॉक और डिस्ट्रीब्यूटर के पास पहुंची खेप क्या सही अनुपात में उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है।

प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता हैं कि जिस ग्राहक ने ऑनलाइन या फोन से बुकिंग की है, सिलेंडर वास्तव में उसी के घर पहुंचा है या नहीं। विशेष टीमें अब सीधे उपभोक्ताओं से संपर्क कर सकती हैं या उनके घर जाकर स्टॉक रजिस्टर और डिलीवरी रसीदों का मिलान कर सकती हैं।

गैस की किल्लत से कोयले की मांग बढ़ी, दाम नहीं
कॉमर्शियल और घरेलू गैस की किल्लत से बाजार में कोयले की मांग बढ़ गई है। ठेला से लेकर बड़े होटल और रेस्तरां तक खपत बढ़ने से कुछ दिनों पहले तक रोजाना पांच ट्रक आने वाला अब आठ ट्रक तक पहुंच गया है लेकिन राहत की बात यह है कि कोयला विक्रेताओं ने मूल्य नहीं बढ़ाया है। थोक व्यापारी कहते हैं कि जब आगे से ही पुराने दर पर माल मिल रहा है तो मूल्य बढ़ाने का कोई सवाल ही नहीं है।

कोयले के थोक एवं फुटकर व्यापारी अभिमन्यु गुप्ता बताते हैं कि इस बार कड़ाके की ठंड के दौरान नवंबर से जनवरी के बीच भी रेट नहीं बढ़ा था। कोयला चारकोल 34-35 रुपये प्रति किलो, बड़ा चारकोल 40-45 रुपये, चारकोल डस्ट 07 रुपये और हार्ड पत्थर कोयला 28 रुपये प्रति किलो बिका था। अभी भी प्रति किलो भाव वही है। मांग बढ़ने से पूर्व की अपेक्षा अब पांच की जगह रोजाना करीब आठ ट्रक माल आ रहा है।

थोक एवं फुटकर व्यापारी मोहित बताते हैं कि अभी युद्ध के चलते कॉमर्शियल और घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत हुई है तो कोयले की मांग बढ़ गई है। ठेला, होटल, रेस्तरां और मांगलिक कार्यक्रमों खपत बढ़ गई है। अमूमन पांच-दस किलो ले जाने वाले दस-पन्द्रह किलो कोयला ले जा रहे हैं। कहते हैं कि राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड से पुराने दर पर ही माल मिल रहा है इसलिए रेट नहीं बढ़ा रहे हैं।

कॉमर्शियल और घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत ने बढ़ाई कोयले की मांग
पंद्रह दिन पहले तक आता था पांच ट्रक कोयला, अब आठ ट्रक तक आ रहा माल
ठेला, होटल, रेस्तरां और मांगलिक कार्यक्रमों में बढ़ी खपत, रेट पहले वाला ही
चारकोल 35-45, अर्थिंग 15 और हार्ड पत्थर कोयला 28 रुपए प्रति किलो है

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