रनिंग कर्मचारियों का माइलेज रेट को रेल मंत्रालय ने बढ़ाकर लगभग कर दिया दोगुना

मंगलवार का दिन रेलवे के लाखों रनिंग कर्मचारियों के लिए मंगलदायी साबित हुआ। वर्ष 2017 से लंबित माइलेज रेट को रेल मंत्रालय ने बढ़ाकर लगभग दोगुना कर दिया है। इस घोषणा से कानपुर में लगभग सोलह सौ लोको पायलट और तीन सौ गार्ड सहित लगभग ढाई हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। 
रेलवे में कार्यरत रनिंग कर्मचारी, जिसमें मुख्य रूप से लोको पायलट व गॉर्ड आते हैं, इनका माइलेज रेट सातवें वेतन आयोग के बाद लगना चाहिए था, जो कि वर्ष 2017 से लंबित था। रेलवे कर्मचारी इसे बढ़ाए जाने के लिए सरकार पर लगातार दबाव डाल रहे थे।

नार्थ सेंट्रल रेलवे मेन्स यूनियन के जंक्शन शाखा के सचिव विक्रम यादव ने बताया कि संगठन के केंद्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने सोमवार को निवर्तमान रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही रेलवे मंत्रालय की ओर से कर्मचारियों को यह खुशखबरी सुनने को मिली।
क्या होता है माइलेज रेट
लोको पायलट व गॉर्ड ड्यूटी के समय जितने किमी गाड़ी चलाते हैं, उस किमी का पैसा वेतन के अलावा मिलता है। जिसे माइलेज रेट कहते हैं। यह अतिरिक्त भत्ता एक निश्चित दूरी के हिसाब से अनुमन्य होता है।





