रणथंभौर से टाइगर टी-2408 को मुकुंदरा किया गया शिफ्ट, अब तक 24 बाघों का ट्रांसफर

रणथंभौर टाइगर रिजर्व से बाघ टी-2408 को वन विभाग ने मुकुंदरा टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया है। ट्रेंकुलाइज कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघ को रवाना किया गया। रणथंभौर से अब तक 24 बाघ अन्य रिजर्व में भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर एक टाइगर को कोटा के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया गया है। आज सुबह वन विभाग की ओर से टाइगर शिफ्टिंग की कार्रवाई की गई। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार रणथंभौर से टाइगर टी-2408 को शिफ्ट किया गया। वन विभाग की टीम पिछले दिन से टाइगर की ट्रैकिंग कर रही थी। इसी दौरान आज सुबह रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की खंडार रेंज के लाहपुर वन क्षेत्र में टाइगर को ट्रेंकुलाइज किया गया। उसके बाद मेडिकल बोर्ड की ओर से टाइगर का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। टाइगर के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विभाग का लवाजमा वनाधिकारियों के साथ टाइगर को लेकर कोटा के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना हुआ।

अब तक रणथंभौर से 24 बाघ, बाघिन और शावक हुए शिफ्ट, 13 की हुई मौत
वन विभाग ने यहां पिछले कुछ वर्षों में 24 बाघ बाघिनों की शिफ्टिंग की गई है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व से प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व सरिस्का, मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी, करौली-धौलपुर अभयारण्य और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को आबाद करने के लिए बाघ भेजे गए हैं। रणथंभौर से बाघों को इन रिजर्व में ट्रांसफर करने से बाघों की संख्या और आबादी को बढ़ाने में मदद मिली है। रणथंभौर से अन्य टाइगर रिजर्व में अब तक 24 बाघ भेजे गए हैं, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है।

अब तक रणथंभौर से 11 टाइगर सरिस्का भेजे, पांच की मौत
रणथम्भौर से अन्य टाइगर रिजर्व में टाइगर शिफ्टिंग पहली बार साल 2008 में हुई थी। यहां से बाघ विहीन हो चुके सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहला बाघ भेजा गया था। उसके बाद साल 2009 में एक साथ पांच बाघों को रणथम्भौर से सरिस्का भेजा गया। साल 2010 में एक साथ 2 बाघ रणथम्भौर से एक बार फिर सरिस्का भेजे गए। रणथम्भौर से सरिस्का कुल 11 बाघ शिफ्ट किए गए हैं। इन बाघों में टी-1, टी-7, टी-10, टी-12, टी-18, टी-44, टी-51, टी-52, टी-75 और टी-113 व एक अन्य शामिल हैं। इनमें से पांच की मौत हो चुकी है।

मुकुंदरा में पहला टाइगर टी-91 भेजा गया
मुकुंदरा में अप्रैल 2018 में रणथम्भौर से पहला बाघ टी-91 शिफ्ट किया गया। उसके बाद 18 दिसम्बर 2018 को बाघिन टी-106 को शिफ्ट किया गया। जिसके बाद टी-98 व बाघिन टी-2301 को मुकंदरा भेजा गया। उसके बाद अब टी- 2408 मुकुंदरा भेजा गया है। रणथम्भौर से अब तक 6 बाघ भेजे जा चुके है। हालांकि बाद में मुकुंदरा के ज्यादातर बाघ या तो मर गए या गायब हो गए। रणथंभौर नेशनल पार्क से उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2 बाघ शिफ्ट किये गए। दोनों ही बाघों की मौत हो गई। रणथंभौर के बाघ टी-104 उदयपुर बायोलॉजिकल पार्क शिफ्ट किए जाने के 24 घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह रणथंभौर से टी-24 उस्ताद को भी सज्जनगढ़ में बीमारी के चलते मर गया।

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