यशपाल मलिक ने बताया किसने कराया उनपर जानलेवा हमला

जाट नेता यशपाल मलिक ने बताया कि किसने और क्यों उनपर जानलेवा हमला कराया, आप भी जानिए…

यशपाल मलिक ने बताया किसने कराया उनपर जानलेवा हमला

टोहाना के गांव समैण में एक कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला हुआ है। 30-40 युवकों ने कार्यक्रम में जमकर हंगामा किया। मलिक के सिर में चोटें आई हैं। हमलावरों ने मलिक की गाड़ी को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। 

हमले में समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका को भी चोट आई वहीं टोहाना सदर एसएचओ प्रदीप श्योराण व सीआईए प्रभारी संदीप सहित पुलिस के तीन कर्मचारी भी घायल हुए हैं। घटना में कई अन्य लोगों को भी चोटें आई है। हमले के बाद यशपाल मलिक को उनके समर्थक एक गाड़ी में बिठाकर हिसार की ओर लेकर रवाना हो गए।

27 अगस्त को झज्जर में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की रैली होनी है और यशपाल मलिक इसी रैली के लिए ग्रामीणों को न्यौता देने गांव समैण में पहुंचे थे। जनसभा को 36 बिरादरी भाईचारा रैली का नाम दिया गया था। सोमवार सुबह शुरू हुई इस रैली में यशपाल मलिक के आने से पहले सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था।

लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब यशपाल मलिक कार्यक्रम में पहुंचे। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका के संबोधन के बाद जैसे ही समिति के प्रवक्ता मंच पर पहुंचे। इसी दौरान सामने से 30-40 युवकों का एक समूह शामियाने में घुसा। उनके हाथों में डंडों पर काले झंडे लगे हुए थे। 

एक बार ये लगा कि ये लोग मलिक को काले झंडे दिखाने आए हैं लेकिन मंच के पास पहुंचते ही युवकों ने डंडों से झंडे उतार दिए और मंच पर बैठे लोगों पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। इस दौरान मलिक को सिर पर कई लाठियां लगी।

एकाएक हुए इस हमले के चलते सभा स्थल पर हड़कंप मच गया और लोग आनन-फानन में इधर-उधर दौड़ने लगे। कुछ ही देर में हमलावर युवकों ने स्टेज पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। बाद में पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया। जिस समय जाट नेता यशपाल मलिक पर हमला हुआ, डीएसपी शमशेर सिंह दहिया और तहसीलदार नवदीप नैन भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

 
सूबे सिंह समैण है हमले का मास्टर माइंड, डीएसपी, एसएचओ की भूमिका पर भी सवाल
50-60 हमलावर तेजधार हथियार लेकर आ रहे हैं। भारी पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात है मगर उन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमलावरों की मंशा कार्यक्रम में कई हत्याएं करने की थी। समर्थकों ने ही उसे बचाया, भारी पुलिस फोर्स खड़ी ही रही। डीएसपी दहिया और एसएचओ प्रदीप की भूमिका संदेहास्पद है। 

 
सुरक्षा में भारी पुलिस फोर्स थी, बावजूद इसके हमलावरों को रोकने के  लिए कुछ नहीं किया गया। राजनीतिक साजिश के तहत हमला कियागया है और इस हमले का मास्टर माइंड सूबे सिंह समैण है। -यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति

 
सूबे सिंह समैण ने हमले में हाथ होने से किया इंकार 
जाट नेता सूबे सिंह समैण ने सोमवार को गांव समैण में आयोजित जनसभा में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर हुए हमले में अपना हाथ होने की आशंका को खारिज कर दिया है। सूबे सिंह समैण ने साफ कहा है कि उनके समर्थकों ने ये हरकत नहीं की। उन्होंने मलिक पर सरकार का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये मलिक और सरकार के बीच की ‘अंडरस्टेडिंग’ से हुआ हमला है।  

 
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