मोहाली नगर निगम में शामिल होंगे पंजाब के ये गांव, सरकार ने जारी की नई नोटिफिकेशन

एक बड़े प्रशासकी फैसले के तहत पंजाब सरकार ने ताजा नोटिफिकेशन जारी करके मोहाली नगर निगम की हद बढ़ाने का फैसला किया है। नए आदेशों के अनुसार कुल 14 गांवों को आधिकारिक तौर पर मोहाली नगर निगम के अधीन शामिल किया गया है। नगर निगम में शामिल किए गए नए गांवों में बरियाली, संभालकी, बल्लो माजरा, लखनौर, चप्पड़ चिड़ी कलां, चप्पड़ चिड़ी खुर्द, नानू माजरा, बलोंगी लांडरां, मौली बैदवान, कंबाली, रुड़का, चिल्ला और ग्रीन एन्क्लेव कुल 14 गांव हैं। इस बारे में सरकार के अतिरिक्त सचिव स्थानिय सरकार विभाग के तेजवीर सिंह द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है।

नोटिफिकेशन के अनुसार नई हदबंदी में सेक्टर-66 अल्फा, सेक्टर-66 बीटा, एरो सिटी, आई.टी. सिटी, सेक्टर-80, 81, 82, 83, 85, 86, 88-89, 90-91, 94, सेक्टर-93, लांडरां गोल्फ कोर्स/स्पोर्ट्स एंड रिक्रिएशन, 92 (अल्फा) के साथ-साथ चलते हुए सेक्टर-116 (गांव चप्पड़चिड़ी खुर्द, लांडरां और चप्पड़चिड़ी कलां), सेक्टर-74 ए, गांव बलोंगी, बल्लोमाजरा, टी.डी.आई. सेक्टर-117-118, गेटवे सिटी, ग्रीन एन्क्लेव, गांव बलियाली, चप्पड़चिड़ी, लांडरां, ए.टी.एस. को भी नगर निगम में शामिल किया गया है।

चीफ सेक्रेटरी तेजवीर सिंह के साइन से जारी इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 28 जून 2021 को निगम मोहाली के हाउस द्वारा पास किए गए एक प्रस्ताव के जरिए नगर निगम की लिमिट से लगते इलाकों को भी नगर निगम में शामिल किया गया है। मोहाली के सर्वांगीण विकास के लिए इस इलाके को नगर निगम, मोहाली की सीमा में शामिल करने का फैसला किया गया था, जिसके बाद सरकार ने 13 दिसंबर, 2021 को एक नोटिफिकेशन जारी कर आम जनता से आपत्तियां मांगी थीं।

इस कार्रवाई के दौरान कमिश्नर नगर निगम मोहाली, मुख्य प्रशासक गमाडा और डिप्टी कमिश्नर मोहाली द्वारा सांझे तौर पर भेजी गई ताजा स्थिती की रिपोर्ट पर विचार करते हुए नगर निगम मोहाली की नई शेड्यूल ऑफ बांउड्री अनुसार म्युनिसिपल हदों में वृद्धि करने संबंधी फैसला लिया गया और पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट-1976 की धारा-3 (6) के तहत नोटिफिकेशन नंबर 06/11/2021-2SS1/1603-1605 तारीख 13.12.2021 का अधिलंघन करते हुए नई प्रारंभिक नोटिफिकेशन नंबर 06/11/2021-2SS1/673-674 तारीख 21.10.2025 जारी की गई, जिसके जरिए आम जनता से ऑब्जेक्शन/सुझाव मांगे गए।

नोटिफिकेशन के अनुसार इस नोटिफिकेशन के संबंध में आम जनता और अलग-अलग पक्षों द्वारा अपने-अपने रिहायशी इलाकों को नगर निगम मोहाली की सीमा में शामिल करने संबंधी कई एतराज प्राप्त हुए। इन एतराजों के हल के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्थानिय सरकार विभाग पंजाब द्वारा कमिश्नर नगर निगम मोहाली के साथ इन एतराजकर्ताओं की 20 नवंबर को निजी तौर पर सुनवाई की गई। इस सुवनाई के दौरान आपत्ति करने वालों ने मोहाली के कई इलाकों को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की लिमिट में शामिल करने के बारे में आपत्ति/सुझाव दिए थे।

इन सभी आपत्तियों/सुझावों पर जमीन की कंटिन्यूटी के सिद्धांत और दूसरे कारणों के हिसाब से काबिल अथॉरिटी के लेवल पर विचार किया गया और उन पर सही फैसला लिया गया। नगर निगम की सीमा में गांव बलौंगी, टी.डी.आई., गेटवे सिटी के साथ-साथ चप्पड़ चिड़ी और लांडरां के शामिल होने से जहां इन इलाकों के लोगों में खुशी का माहौल है।

सरकार का लोगों के हक में फैसला: कुलवंत सिंह
नगर निगम की सीमा बढ़ाने के बारे में नोटिफिकेशन जारी होने पर हलके के MLA कुलवंत सिंह ने कहा है कि यह नोटिफिकेशन जारी करके लोगों के हित में काम कर रही सरकार ने लोगों की इच्छा के अनुसार लोगों के हक में फैसला लिया है और मोहाली से सटे कई इलाकों को नगर निगम में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि पहले के प्रस्तावित नोटिफिकेशन में कुछ इलाके छूट गए थे और उन इलाकों के लोगों ने उनसे मिलकर इन इलाकों को भी निगम में शामिल करने की मांग की थी, जिस पर उन्होंने सरकार से बात करके लोगों की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया था और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुसार नया नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसके लिए वह सरकार के आभारी हैं।

जमीन की कीमतें बढ़ेंगी
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर जमीन की कीमतों पर पड़ने की संभावना है। निगम के तहत आने से ये इलाके शहरी विकास के केंद्र बन जाएंगे। इससे प्लॉट और खेती की जमीनों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। निवेशकों, बिल्डरों और कारोबारियों की दिलचस्पी बढ़ेगी, जो स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक फायदे का जरिया बन सकता है।

गांवों के साथ-साथ लोगों की तरक्की के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे
नरेश कुमार नेशी गांव बलौंगी, अनिल बंसल, प्रीत सिंह, रणधीर सिंह राजू ने कहा कि एक समय बलौंगी गांव में कुल 62 घर थे, जो धीरे-धीरे बढ़कर कहीं पहुंच गए हैं। अगर अकेले बलौंगी को देखें तो यहां लोगों ने अपनी मेहनत की जमा पूंजी से अपने सपनों के घर और बड़े कंस्ट्रक्शन शुरू किए हैं। पेरिफेरी एक्ट के तहत उन पर एक तरह से हमेशा तलवार लटकी रहती है। कॉर्पोरेशन में आने से जहां लोगों को इससे राहत मिलेगी, वहीं ये गांव कॉर्पोरेशन के लिए इनकम का सोर्स भी साबित होंगे। इससे शहर को बेहतर और ज्यादा ऑर्गनाइज्ड तरीके से डेवलप करने में मदद मिलेगी। क्योंकि हजारों एकड़ जमीन पंचायतों के अंडर आती है। जिससे मोहाली को डेवलपमेंट के मामले में काफी फायदा होने की उम्मीद है।

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