मोदी राज में बनेगा गाय-भैंसो का भी आधार कार्ड

केंद्र सरकार जल्द गाय और भैंसों को भी आधार की ही तरह एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UID) देने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार ने काम करना भी शुरू कर दिया है। इस साल के अंत तक लगभग 88 मिलियन गाय और भैंसों के कान में टैग लगाने की योजना है। इसके लिए लगभग एक लाख लोगों को लोगों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस काम को डिजिटाइज करने के लिए इन लोगों को 50 हजार टैबलेट भी दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि ऐसा करने से पशुओं पर नजर रखना आसान होगा। इससे उन्हें वक्त पर इलाज, दवाएं और मदद मुहैया कराई जा सकेगी। इससे 2022 तक दुग्ध उत्पाद बढ़ेगा और डेयरी किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
खबरों के मुताबिक इस टैग को पशुओं के कान में डाला जाएगा। इसका एक खास नंबर होगा जिसे टैबलेट के आनलाइन डाटा बेस पर जोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा पशु मालिक को एक हेल्थ कार्ड भी दिया जाएगा। उसमें UID नंबर होगा। इस नंबर से पशु से जुड़ी सारी जानकारी आनलाइन आसानी से देखी जा सकेगी। इस टैग की कीमत 8 रुपए है और इसे ऐसे मटेरियल से तैयार किया जा रहा है जिससे पशुओं को कोई नुकसान न हो।
इस पूरे काम में 148 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। इस कार्यक्रम की शुरुआत यूपी से की जाएगी। यूपी में 2017 में 14 लाख पशुओं को UID नंबर दिया जाएगा। 16 मिलियन के साथ पशुओं के मामले में यूपी पहले नंबर पर है। इसके बाद 9 मिलियन के साथ मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर, 8.4 मिलियन के साथ राज्स्थान तीसरे, 6.2 मिलियन के साथ गुजरात चौथे और 5.4 मिलियन के साथ आंध्रप्रदेश पांचवे नंबर पर है।





