मैरिज रजिस्ट्रेशन न होने पर देना होगा जुर्माना, करवाया तो होंगे ये फायदे


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उन्होंने सभी के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। महिला कल्याण विभाग की नियमावली को मंगलवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। विवाह पंजीकरण पहले की तरह स्टांप पंजीकरण विभाग ही करेगा।
विवाह के एक वर्ष के अंदर पंजीकरण कराने पर मात्र 10 रुपये की फीस लगेगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए टेक्निकल सपोर्ट का जिम्मा एनआईसी को सौंपा गया है।
विलंब से पंजीकरण कराया तो देना होगा जुर्माना
विलंब से विवाह पंजीकरण कराने वालों को जुर्माना भी देना पड़ेगा। एक साल विलंब होने पर 50 रुपये व दो साल विलंब होने पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा। यानी हर साल 50 रुपये के हिसाब से यह बढ़ता चला जाएगा।
साफ्टवेयर इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि आधार नंबर डालते ही आपके पास एक ओटीपी आ जाए। उसी से आवेदन करना होगा। साथ ही जरूरी प्रमाण पत्र अपलोड करने पड़ेंगे। इसके बाद सर्टिफिकेट ई-मेल पर आ जाएगा।
यह हैं विवाह पंजीकरण के फायदे
-इससे बाल विवाह पर लगाम लग सकेगी
-एक पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरे विवाह पर रोक लगेगी
-पति की मृत्यु के बाद पत्नी को उसका अधिकार व क्लेम आसानी से जल्द मिल सकेंगे
-पति द्वारा पत्नी का नहीं किया जा सकेगा उत्पीड़न
-विवाह दोनों पक्षों की सहमति से हो सकेगा।





