मुख्यमंत्री योगी का कड़ा फैसला, रद्द कर दी अखिलेश सरकार की 33 परियोजनाएं


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इनमें नई सड़कों के निर्माण, पुल के एप्रोच, सड़कों के चौड़ीकरण व उच्चीकरण, नाला निर्माण, सीसी कवर्ड नाले के अलावा बिजली व हैंडपंप लगाने के काम शामिल थे। इनमें सभी के लिए बजट भी जारी कर दिए गए थे। कई विधानसभा क्षेत्रों में 100 से 200 हैंडपंप मंजूर किए गए थे। लेकिन चुनाव आचार संहिता जारी हो जाने और चुनाव आयोग की सख्ती की वजह से तमाम काम नहीं हो पाए।
विशेष सचिव नियोजन अजय यादव ने त्वरित आर्थिक विकास योजना से मंजूर लेकिन शुरू न हो सके सभी 33 कार्यों को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे निरस्त कार्यों की धनराशि राजकोष में जमा कर शासन को एक सप्ताह में सूचित करें।
कितने हैं जिन पर काम शुरू हुआ है लेकिन अधूरे हैं? इसके अलावा ऐसे कितने काम हैं जिनको मंजूरी तो दी गई लेकिन वे शुरू नहीं हो सके।
पड़ताल में पता चला कि 51 काम ऐसे हैं जो पूरे हो गए हैं लेकिन भुगतान अधूरा है। 230 काम ऐसे हैं जो शुरू हो गए लेकिन पूरे नहीं हुए हैं। इसके अलावा 33 काम ऐसे हैं जिनके आदेश हो गए लेकिन वे शुरू नहीं हो पाए।
– अधूरे 230 कामों को पूरा कराने की मंजूरी दी। अब ये काम संबंधित विभाग अपने बजट से कराएंगे।
– चुनाव से पहले मंजूर किए गए 33 कामों को निरस्त करने का फरमान सुनाया गया।





