मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: वे हर चीज में धर्म को घसीटते हैं…

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी में टीम चयन विवाद के बहाने भाजपा और हिंदू संगठनों पर धर्म को हर चीज में घसीटने और जम्मू को अलग करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी खेलों में धर्म नहीं देखती, जबकि विरोधी अब किसी मुद्दे के न बचे होने पर जम्मू को अलग करने पर जोर दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के शानदार प्रदर्शन के बहाने भाजपा और हिंदू संगठनों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने फुटबॉल टीम चयन विवाद पर कहा, वे हर चीज में धर्म को घसीटते हैं। वे शिक्षा में धर्म को घसीटते हैं। वे खेलों में धर्म को घसीटते हैं। जम्मू को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। खाने-पीने के बारे में सुझाव देकर तो उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं। अब क्या बचा है?

मुख्यमंत्री ने जम्मू में पत्रकारों के सवालों पर कहा कि उनकी पार्टी हर खेल को उसके वास्तविक स्वरूप में देखती है। आपको उन लोगों से सवाल पूछने चाहिए जो खेल को राजनीति से जोड़ते हैं। जब हम टीम को देखते हैं, तो हम खिलाड़ियों के धर्म को नहीं देखते। वे धर्म के अलावा कुछ और नहीं देखते। जब फुटबॉल टीम में मुसलमानों की संख्या अधिक थी तो उन्हें उस पर आपत्ति थी। जब क्रिकेट टीम में मुसलमानों की संख्या कम हुई तो उन्हें क्रिकेट टीम पर कोई आपत्ति नहीं थी।

जब समस्या नहीं बची तो जम्मू को अलग करना चाहते हैं : पिछले कई दिनों से भाजपा व हिंदू संगठन जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री उमर ने इस पर पहली बार प्रतिक्रिया दी।

उमर ने विरोध करने वालों पर हमला करते हुए कहा, उनके पास अब कोई समस्या नहीं बची है तो वे जम्मू को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।

आरक्षण पर उपराज्यपाल को देना चाहिए जवाब
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, आरक्षण के मुद्दे पर सरकार ने अपना काम पूरा कर लिया है। अब लोकभवन को इस बारे में जवाब देना है। उन्होंने कहा, सरकार ने रिजर्वेशन के लिए कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को सौंपी और कैबिनेट ने इसे पारित कर उपराज्यपाल को भेज दिया। अब उपराज्यपाल को रिजर्वेशन पर फैसला करना है। लेकिन अभी तक वहां से कोई कदम नहीं उठाया गया है।

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