मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे अब बनेगा 10 लेन

महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को दस लेन का करने का प्रपोजल मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। हाईवे को दस लेन का करने से मुंबई-पुणे का सफर आसान हो जाएगा। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। मुंबई से पुणे 94।5 किमी लंबा एक्सप्रेसवे 2002 में शुरू हुआ था।
जमीन होगी अधिग्रहित
इस हाईवे से मुंबई और पुणे के बीच दूरी ढाई घंटे में पूरी हो जाती है। इस हाईवे पर हर दिन 65,000 से ज्यादा गाड़ियां चलती है। भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने, यात्रा को सुपर-फास्ट और सुरक्षित बनाने के लिए एमएसआरडीसी ने छह लेन वाले हाईवे को आठ लेन का करने का फैसला किया। इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
8 लेन के प्रस्ताव को रद्द किया
कुछ महीने पहले एमएसआरडीसी ने 8 लेन के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था और हाईवे को सीधे 10 लेन का करने का फैसला किया है। एमएसआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार एमएमआर क्षेत्र का ग्रोथ हब के तौर पर विकास, और नवी मुंबई एयरपोर्ट की वजह से गाड़ियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस हाईवे का 10 लेन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव दो दिन पहले ही मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है।
2030 तक पूरा होगा काम
एक अधिकारी ने बताया कि यदि काम 2026 तक शुरू हो गया, तो 2029-30 तक परियोजना पूरी हो सकती है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे वर्ष 2002 में शुरू हुआ था और यह 94.6 किलोमीटर लंबा नियंत्रित मार्ग है, जो नवी मुंबई के कलंबोली से किवले तक जाता है।
रोजाना औसतन 65,000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जबकि सप्ताहांत पर यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती है। वर्तमान में खंडाला घाट में 13 किलोमीटर के ‘मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट’ पर काम चल रहा है। नई योजना में बाकी हिस्से का विस्तार किया जाएगा।





