मायावती ने बदला खुद को, अब Twitter की नीली चिड़िया होगी बसपा का नया संदेशवाहक

2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में जहां बीजेपी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों के लिए सोशल मीडिया मतदाताओं तक पहुंचने का अहम जरिया बन चुका था, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती अपने परंपरागत तरीकों से ही पार्टी के प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभाल रही थीं. कहा जा रहा था कि बसपा सुप्रीमो सोशल मीडिया की आधुनिक दुनिया से इसलिए दूर हैं क्योंकि उनका काडर वोट इन्टरनेट पर ज्यादा एक्टिव नहीं है. लेकिन वक्त के साथ-साथ मायावती भी बदल गईं और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ट्विटर को ज्वाइन कर लिया.
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती अब ट्वटिर पर आ गई हैं. बहुजन समाज पार्टी की तरफ से बुधवार को ये जानकारी दी गई. इसमें कहा गया कि बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पहली बार ट्वटिर के माध्यम से भी लोगों व मीडिया से संवाद करने व विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करने का फैसला किया है. उनका ट्विटर हैंडल @SushriMayawati है.
अभी पिछले दिनों ही मायावती ने इस बात का खंडन किया था कि न उनका और न ही बसपा का कोई सोशल अकाउंट फेसबुक और ट्विटर पर है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और काडर को इन फर्जी अकाउंट से सजग रहने का भी निर्देश दिया था. लेकिन यूपी में सपा से गठबंधन के बाद अब मायावती भी ट्विटर की नीली चिड़िया के जरिये कार्यकर्ताओं और अपने परंपरागत वोटरों से संवाद करेंगी.
दरअसल कहा जा रहा है कि सपा अध्यक्ष सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं, साथ ही समाजवादी पार्टी का सोशल मीडिया सेल भी काफी स्ट्रोंग है. लिहाजा गठबंधन के बाद सोशल प्लेटफार्म पर भी कार्यकर्ताओं में सामंजस्य बैठाने के लिए बसपा सुप्रीमो ने यह फैसला लिया है. उधर मायावती के ट्विटर पर आने को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर खुशी जताई है. बिहार के आरजेडी नेता तेजस्वी यादव मायावती के ट्विटर पर आने से खुश हैं. उन्होंने लिखा है कि 13 जनवरी को उनकी मायावती से लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने मायावती से ट्वटिर पर एकाउंट बनाने का आग्रह किया था. उन्हें खुशी है कि उन्होंने उनका ये आग्रह स्वीकार कर लिया है.





