महिलाओं ने GST के विरोध में बंद मार्केट का ताला तोड़ा, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

जीएसटी की खामियों के विरोध में कई व्यापार मंडलों ने शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया था, जिसका राजधानी में आंशिक असर रहा। चुनिंदा बाजार छोड़कर अन्य बाजार खुले रहे, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में भारत बंद का मिलाजुला असर रहा। लखनऊ में जनपथ मॉर्केट दोपहर दो बजे तक बंद रहा। मॉर्केट बंद होने पर दुकानें बंद रहीं, जिसके कारण गेट पर भी ताला लगा था। बाद में महिलाओं व अन्य लोगों ने ईंट से तोड़कर ताला खोला।

लखनऊ में व्यापारियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा। वहीं, व्यापारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात करके जीएसटी की खामियां दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (मिश्रा गुट), उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (कंछल गुट) ने 30 जून को जीएसटी के विरोध में भारत बंद का एलान किया था। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से नजीराबाद में सुरेश छबलानी के नेतृत्व में अपराह्न तीन बजे दुकानें बंद कराई गईं।
इसके बाद यहां से व्यापारी जुलूस के रूप में जनपथ मॉर्केट पहुंचे, जहां पर प्रदर्शन सभा में तब्दील हुआ। यहां व्यापारियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि केंद्र सरकार ने अधूरी तैयारी के बीच 30 जून की रात 12 बजे से जीएसटी लागू करने जा रही है। इससे महंगाई को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों को टैक्स चुकाने में दिक्कत होगी।
संदीप बंसल ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में भारत बंद का व्यापक असर रहा। उधर, बनवारी लाल कंछल के नेतृत्व में व्यापारियों का शिष्टमंडल राज्यपाल से मिला और जीएसटी से होने वाली दिक्कतों को गिनाया। राज्यपाल ने उनके ज्ञापन को वित्त मंत्री को भेजकर खामियों का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में राजेंद्र कुमार अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, सतीश कुमार अग्रवाल, अरुण अवस्थी आदि थे। कंछल के भारत बंद का असर सिर्फ मौलवीगंज में दिखा, जबकि उन्होंने दावा किया कि इलाहाबाद, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, शाहजहांपुर, बरेली, गाजियाबाद सहित पूरे प्रदेश में बंद का व्यापक असर रहा, जिसके कारण बाजार सुबह से शाम तक बंद रहे।





