महायज्ञ: विश्वशांति वैदिक महायज्ञ एवं विहंगम योग समारोह का समापन

विद्यापीठ चौक स्थित बालिका विद्यापीठ महाविद्यालय के प्रागंण में सोमवार को दो दिवसीय विहंगम योग समारोह का शुभारंभ किया गया। दिव्यवाणी (जय स्वर्वेद कथा) एवं अमृतवाणी 551 कुण्डीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ के दो दिवसीय आयोजन को लेकर भव्य पंडाल का निर्माण कराया गया है जिसमें हजारों की संख्या में विहंगम योग संत समाज के अनुयायी जुटे हुए हैं।

 

 

दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के पहले दिन अनुयायियों के द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाला गया। शोभायात्रा विद्यापीठ चौक से निकल कर मुख्य सड़क के रास्ते सदर प्रखंउ कार्यालय, थाना चौक, लोहारपट्टी, महावीर स्थान होते हुए पुरानी बाजार नगर परिषद् कार्यालय स्थित छोटी दुर्गा स्थान तक पहंची जहां से वापस चितरंजन रोड के रास्ते अभिमन्यु चौक, प्रभात चौक से थाना चौक होते हुए मुख्य सड़क के रास्ते आयोजन स्थल पर जाकर संपंन हुई। शोभायात्रा में काफी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल थे।

 

यात्रा मेंे दौरान श्रद्धालुओं पूर उत्साह के साथ विभिन्न प्रकार के धार्मिक नारे लगा रहे थे। विहंगम योग समारेाह के पहले दिन शाम छह से संत विज्ञानदेव जी महाराज के द्वारा श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन का धर्म का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि विहंगम योग एक और आध्यात्मिक संस्थान नहीं बल्कि योग का सत्य मार्ग है। आत्मा एवं परमात्मा के मिलन को योग कहते हैं। विहंगम योग वही सनातन, वैदिक मार्ग है जिसे ब्रह्मविद्या भी कहते हैं। विहंगम योग अपनी शसक्त साधना पद्धति के लिए जाना जाता है। यह एक ऐसी पद्धति है जो मात्र 15 मिनट के नियमित अभ्यास के द्वारा आपकी पूर्ण आत्मिक शक्ति को जागृत कर देती है। मौके पर श्याम किशोर सिंह, मनोज सिंह, टुटू सिंह, सुभाष सिंह, रतन सिंह, संतोष कुमार, मुरारी सिंह, राजेश सिंह, चंदन कुमार, अभिषेक कुमार, शांति देवी, कौसल्या देवी, सावित्री देवी, अनिता देवी, संजू देवी, प्रमिला देवी, सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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