मनोहर सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोफहा, बंद नलकूप कनेक्शन किए चालू

 पांच नगर निगमों में जीत से उत्साहित भाजपा ने अब गांवों की तरफ रुख किया है। पांचवें साल यानी चुनावी साल में मनोहरलाल सरकार ने बरसों से बंद पड़े नलकूप कनेक्शन फिर चालू करने का निर्णय लिया है।  44 हजार कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन चार दिन के भीतर जारी किए जाएंगे। इससे राज्‍य के किसानों को बहुत फायदा होगा।किसानों पर मेहरबान हुई मनोहर सरकार, बंद नलकूप कनेक्शन किए चालूपांच नगर निगमों में जीत के बाद सरकार का गांवों की तरफ रुख

पूर्व में बिजली विभाग ने दिसंबर 2013 तक ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए थे। नए कनेक्शनों में 25 हजार छोटे किसानों को और 15 हजार सोलर पंप कनैक्शन दिए जाएंगे। किसानों के पास सोलर पंप या बिजली कनेक्शन लेने का विकल्प होगा।

सोलर उपकरणों की खरीद पर सरकार किसानों को 75 फीसद सब्सिडी देगी। किसानों के उपयोग से बची बिजली को नेट मीटरिंग के जरिये एक रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदा जाएगा। राज्य में करीब 50 हजार सोलर पंप लगाए जाएंगे। 15 हजार के टेंडर हो चुके हैं।

चार दिन के भीतर जारी होंगे 44 हजार नलकूप कनैक्शन, इनमें 20 से 25 हजार सोलर पंप शामिल

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों पर बड़ा दांव खेला है। किसानों के कर्ज माफ करने के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सभी विषय भी सरकार के संज्ञान में हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले पांच साल से बंद पड़े नलकूप कनेक्शन खोलते हुए अधिकारियों को चार दिन के भीतर सभी लंबित फाइलें निपटाने के साथ ही किसानों को डिमांड नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग का कार्यभार मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2014 से लेकर आज तक के करीब 44 हजार कनैक्शन आवेदन लंबित हैं। किसानों की तरफ से तीन हार्स पावर से लेकर बीस हार्स पावर तक के कनेक्शन की मांग की गई है।  किसानों द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अगले छह से आठ माह के भीतर कनेक्शन दे दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में सोलर नलकूप योजना को बढ़ावा दे रही है। इसके चलते इन लंबित 44 हजार आवेदनों में से करीब 20 से 25 हजार आवेदन ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिन्हें सोलर नलकूप कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। यह तीन हार्स पावर तक के होंगे।

प्रदेश के 32 डार्क जोन में माइक्रो इरीगेशन योजना होगी मंजूर

सरकार ने भले ही 44 हजार नलकूप कनेक्शन देने का फैसला कर लिया है लेकिन भूमिगत जलस्तर में लगातार आ रही गिरावट के चलते राज्य के 32 ब्लाक डार्क जोन में हैं। वहां सरकार कोई भी बड़ा नलकूप कनेक्शन जारी नहीं करेगी। हालांकि सरकार ने बीच का रास्ता भी निकाल लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने सेंट्रल वाटर ग्रांउड कंट्रोल बोर्ड को एक पत्र लिखकर इन ब्लाकों में माइक्रो इरीगेशन योजना लागू करने की मंजूरी मांगी है। वहां किसानों को इसी योजना के तहत नलकूप कनेक्शन दिए जाएंगे।

करनाल व यमुनानगर में सोलर नलकूप का पायलट प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार किसानों को बिजली कनैक्शन से सोलर की तरफ मोड़ रही है। करनाल जिला के बयाना व यमुनानगर के मारूपुर फीडर के तहत बिजली से चलने वाले 468 नलकूपों को सोलर संचालित नलकूप में बदलने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो सरकार खुद वहन करेगी। इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे हरियाणा में लागू किया जाएगा।

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