मनोहरपुर-दौसा हाईवे बनेगा फोरलेन, श्रद्धालुओं की जान और सफर दोनों होंगे सुरक्षित

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे-148 के फोरलेन निर्माण के लिए 818 करोड़ 40 लाख रुपए की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 65 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर फोरलेन निर्माण से सड़क हादसों में कमी आएगी और खाटूश्यामजी व मेहंदीपुर बालाजी के श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी।
मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे का फोरलेन निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाईवे के फोरलेन निर्माण के लिए 818 करोड़ 40 लाख रुपए की टेंडर प्रक्रिया के आदेश जारी कर दिए हैं। 65 किलोमीटर लंबे दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे का फोरलेन निर्माण पेव्ड शोल्डर के साथ किया जाएगा। फोरलेन बनने से सड़क हादसों में कमी आएगी और खाटूश्यामजी व मेहंदीपुर बालाजी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी।
लहाल दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे-148 टू-लेन है और यह दौसा में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे और खुरी कलां गांव में जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। हाईवे पर भारी यातायात के चलते पिछले वर्षों में दर्जनों लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। कुछ महीने पहले पिकअप हादसे में खाटूश्यामजी से लौट रहे यूपी के 11 श्रद्धालुओं की भी मौत हो गई थी।
सांसद मुरारीलाल ने उठाया था मुद्दा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इस हाईवे के फोरलेन निर्माण की मांग कई बार उठाई गई थी। सांसद मुरारीलाल मीणा ने 9 अगस्त 2024 को पहली बार पत्र लिखा था। 8 अगस्त 2024 को शून्यकाल में संसद में यह मुद्दा उठाया गया, 18 मार्च 2025 को दूसरी बार और 14 अगस्त 2025 को फिर से पत्र लिखकर उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ब्लैक स्पॉट सुधार से समस्या का समाधान नहीं होगा, पूरे हाईवे का फोरलेन निर्माण आवश्यक है। इसके अलावा कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया समेत कई नेताओं ने 11 श्रद्धालुओं की मौत के बाद केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर मुद्दा उठाया था।
सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा कि 65 किलोमीटर के इस हाईवे पर जितने एक्सीडेंट होते हैं, शायद देश के किसी अन्य हाईवे पर नहीं होते। यह केवल सड़क चौड़ीकरण का मामला नहीं है, बल्कि आमजन और श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा का सवाल है। फोरलेन बनने के बाद न केवल सफर सुरक्षित और सुगम होगा, बल्कि रोजगार, व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।





