मतदान बढ़ाने की तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं निकले वोटर, तो डीएम ने कही यह बड़ी बात

 तहजीब और अदब का शहर एक बार फिर मतदान के दिन अपनी आरामतलबी को लेकर कठघरे में है। सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रयासों के बावजूद वोटर बूथों तक नहीं पहुंचे। पिंक बूथ और मॉडल बूथ का फार्मूला भी शहरी वोटरों को रिझा नहीं सका। वहीं, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा वोटरों के इस मिजाज से खासे हैरान हैं।

राजधानी में अब तक कभी किसी लोकसभा चुनाव में साठ प्रतिशत मतदान नहीं हुआ। वहीं, मोहनलालगंज में गत चुनाव के बाद एक बार फिर वोटरों ने चुनावी परीक्षा फस्र्ट क्लास में पास की। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा भयंकर गर्मी के चलते कम मतदान होने की बात खारिज करते हैं। उनका कहना है कि गांव का वोटर कम साधन और पैदल चलकर भी इस गर्मी में बूथ तक पहुंचा। वह लोकतंत्र को लेकर अधिक संवेदनशील है।

वहीं, शहरों में वोटर तमाम साधन के बावजूद वोट डालने नहीं निकले। डीएम का कहना है कि वोटर बाहर निकले, इसके लिए तमाम प्रयास किए गए। बूथों पर सुविधाओं के अलावा अपने वाहनों से आने-जाने की भी छूट दी गई। स्कूली बच्चों ने महीनों तक जागरूकता अभियान चलाया। इसके बावजूद कम मतदान होना निराशाजनक है।

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