भारी घाटे से जूझ रहा ‘वाशिंगटन पोस्ट’

करीब डेढ़ सौ वर्ष के इतिहास में अपनी खोजी पत्रकारिता से पहचान बनाने वाले अमेरिकी अखबार ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने भारी वित्तीय घाटे के चलते 300 पत्रकारों की छंटनी कर दी है। प्रभावित पत्रकारों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर भी शामिल हैं, जो अखबार में अंतरराष्ट्रीय मामलों के वरिष्ठ स्तंभकार थे।

इस घटनाक्रम पर शशि थरूर ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह फैसला बेहद पीड़ादायक है। ईशान थरूर ने इसे एक खराब दिन बताते हुए एक्स पर लिखा कि इससे उनका दिल टूट गया है। ईशान इस अखबार से पिछले 12 वर्षों से जुड़े हुए थे। अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने कर्मचारियों को जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय, मेट्रो, संपादन और खेल डेस्क में कटौती की गई है।

रिपो‌र्ट्स के मुताबिक, अखबार को लगभग 10 करोड़ डालर का घाटा हुआ, जिसके कारण यह कठोर कदम उठाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने वर्ष 2013 में इस अखबार का अधिग्रहण किया था।

यह वही अखबार है जिसने 1970 के दशक में ‘वाटरगेट स्कैंडल’ का खुलासा कर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सत्ता हिला दी थी, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।मीडिया रिपो‌र्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संपादक पीटर फिन ने भी टीम का सामना करने के बजाय स्वयं को छंटनी में शामिल करने का अनुरोध किया।

फ्रांसीसी अखबार ‘लीमोंड’ के मुताबिक, वाशिंगटन पोस्ट को 2023 में लगभग सात करोड़ डालर और 2024 में 10 करोड़ डालर का घाटा हुआ। इसके अलावा राष्ट्रपति चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार का समर्थन न करने के फैसले के बाद डिजिटल सेक्शन से करीब ढाई लाख सब्सक्राइबर कम हो गए।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अखबार का दैनिक प्रिंट सर्कुलेशन एक लाख प्रतियों से भी नीचे आ गया। रायटर ने ‘अलायंस फार आडिटेड मीडिया’ के हवाले से बताया कि पिछले पांच वर्षों में सर्कुलेशन में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं डिजिटल पाठकों की संख्या भी 2021 के लगभग तीन करोड़ दैनिक सक्रिय यूजर्स से घटकर 2023 के मध्य तक करीब सवा दो करोड़ रह गई, जो अखबार की गिरती आर्थिक स्थिति का संकेत मानी जा रही है।

Back to top button