भारत में निवेश का न्योता: इस्राइल में PM मोदी ने अत्याधुनिक तकनीक का लिया जायजा

पीएम मोदी ने इस्राइली कंपनियों को भारत में निवेश, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी साझेदारी के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यहां आयोजित एक प्रदर्शनी में पहुंचे, जहां विभिन्न क्षेत्रों में इस्राइल के अग्रणी नवाचारों का प्रदर्शन किया गया।

अत्याधुनिक तकनीकें भारत-इस्राइल के बीच साझेदारी को विस्तार देंगी
इस प्रदर्शनी में एग्री-टेक, वाटर-टेक, क्लाइमेट-टेक, हेल्थ-बायोटेक, स्मार्ट मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। नवाचारों का अवलोकन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये अत्याधुनिक तकनीकें भारत-इस्राइल के बीच इनोवेशन, स्टार्टअप और व्यावसायिक साझेदारी को विस्तार देने की अपार क्षमता रखती हैं, विशेषकर कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में।

दोनों देश इंडिया-इस्राइल इनोवेशन ब्रिज पहल के तहत आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रदर्शनी के दौरान प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, टेक उद्यमियों और विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी बातचीत की।
कार्यक्रम में क्वांटम मशीन ने इस्राइली क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर (IQCC) की जानकारी दी, जबकि क्लासिक ने क्वांटम सॉफ्टवेयर विकास को सरल बनाने वाली तकनीक प्रस्तुत की।
स्टार्टअप AISAP ने एआई आधारित पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड का प्रदर्शन किया, जो रियल-टाइम डायग्नोस्टिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

यह तकनीक सड़क दुर्घटनाओं को करेगा कम
इस्राइल के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की होराइजन स्कैनिंग डिवीजन ने टेक स्काउट नामक एआई-आधारित टूल पेश किया, जो रणनीतिक जोखिम पहचान और ट्रेंड विश्लेषण में सहायक है। मोबाइलआई ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से अपने सेंसर और चिप तकनीक का प्रदर्शन किया।
वहीं चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान और भारत में अपने सहयोग को रेखांकित किया।

वॉटरजेन ने हवा से पीने योग्य पानी बनाने की तकनीक दिखाई, वहीं एन-ड्रिप ने गुरुत्वाकर्षण आधारित माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम प्रदर्शित किया।
नैचुरल ऑफसेट फार्मिंग (NOF) ने बिना बिजली के फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने वाले इन-फील्ड समाधान प्रस्तुत किए।
इसके अलावा, रेमिल्क ने लैब में उत्पादित दूध प्रोटीन के लिए प्रिसीजन फर्मेंटेशन तकनीक और बारएल्गी ने मशीन लर्निंग आधारित माइक्रोएल्गी उत्पादन प्रणाली का प्रदर्शन किया।
माइनोरा बायो ने विशेष बायो-कन्वर्जन एडिटिव्स के जरिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का समाधान दिखाया।
जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट (GII) ने खनिज संसाधनों के आकलन के लिए हाई-रिजॉल्यूशन मॉडलिंग तकनीक प्रस्तुत की।
साथ ही, इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने मिनिएचर कम्युनिकेशन सैटेलाइट और इंटीग्रेटेड सिंथेटिक अपर्चर रडार आधारित तकनीकों को भी प्रदर्शित किया।

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