भारत की GDP ग्रोथ 7.6% पर पहुंची; नई सीरीज से दिखा गजब का उछाल

नेशनल अकाउंट्स सीरीज में संशोधन के बाद भारत सरकार ने जीडीपी के नए आंकड़े जारी किए हैं। खास बात है कि नए जीडीपी अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास दर 7.6 प्रतिशत बताई गई है, जो पहले के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से ज्यादा है। सरकार ने जो नए आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक वर्ष 2022-23 को बेस ईयर मानते हुए नेशनल अकाउंट्स की नई सीरीज लागू की गई है।
GDP कैलकुलेशन के तरीके में हुआ बदलाव
अधिकारियों के अनुसार, यह संशोधन बेहतर आकलन के तरीके और व्यापक आर्थिक कवरेज को शामिल करने की वजह से हुआ है। नई प्रणाली में कंपनियों के बड़े डेटाबेस को जोड़ा गया है, जिससे कवर किए गए व्यावसायिक इकाइयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
नई जीडीपी गणना में ‘डबल डिफ्लेशन’ और एक्सट्रापोलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया गया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का अधिक सटीक आकलन संभव हो पाया है।
पिछले साल के आंकड़ों में हुआ बदलाव
आंकड़ों में परिवर्तन के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) की ग्रोथ रेट को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) की वृद्धि दर को 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 0.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दिखाता है।
तिमाही आधार पर स्थिर रफ्तार
तिमाही आंकड़े बताते हैं कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में स्थिर गति बनी रही। तीसरी तिमाही (Q3) में अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि दूसरी तिमाही (Q2) में 8.1 प्रतिशत और पहली तिमाही (Q1) में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
पहली छमाही के आंकड़ों में भी संशोधन किया गया है। अब Q1 की वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत और Q2 की 8.1 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि पहले ये क्रमशः 7.8 प्रतिशत और 8.2 प्रतिशत थी।





