Independence Day 2019 : तो इसलिए भारत की आज़ादी के लिए 15 अगस्त 1947 की आधी रात का ही समय चुना गया…

भारत की आज़ादी के लिए 15 अगस्त 1947 की आधी रात का ही समय क्यों चुना गया, यह जानना रोचक मालूम पड़ सकता है।
महात्मा गांधी और सुभाषचंद्र बोस की गतिविधियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। 1940 की शुरुआत से ही गांधी और बोस की गतिविधियों से अवाम बहुत जाग गया था, आंदोलित हो गया था और दशक के आरंभ में ही ब्रिटिश हुकूमत के लिए यह एक चिंता का विषय बन चुका था। 1945 में दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के समय ब्रिटिश आर्थिक रूप से कमज़ोर हो चुके थे और वे इंग्लैंड में स्वयं का शासन भी चलाने में संघर्ष कर रहे थे। विभिन्न स्त्रोतों की मानें तो ब्रिटिश सत्ता लगभग दिवालिया होने की कगार पर थी।
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इसी साल ब्रिटेन के चुनावों में लेबर पार्टी लेबर पार्टी की जीत हुई जिसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हाथोहाथ लिया क्योंकि लेबर पार्टी ने भारत सहित ब्रिटेन में तत्कालीन उपनिवेश को स्वतंत्रता प्रदान करने का वायदा किया था। लिहाजा, लार्ड वॉवेल ने भारतीय नेताओं से देश की आज़ादी के बाबत वार्ता करने की पहल की और छुटपुट गतिरोधों के बावजूद इन वार्ताओं ने खासा जो़र पकड़ा। फरवरी 1947 में, सत्ता के अंतरण के लिए लार्ड माउंटबेटन को भारत का अंतिम वाइसराय नियुक्त किया गया।





