भाजपा ने किया एक तीर से दो शिकार…

अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन व ओबीसी ठाकोर सेना के आंदोलन का सामना कर रही भाजपा ने दोनों ही समुदाय को खुश करने के लिए एक तीन से दो निशाने साधे हैं। भाजपा पार्षद ने आंजणा चौधरी व अन्य 39 जातियों को गैरकानूनी तरीके से ओबीसी में शामिल करने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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गुजरात में आरक्षण की मांग को लेकर पाटीदार समुदाय दो साल से आंदोलन कर रहा है, पाटीदार ओबीसी में शामिल कराने की मांग कर रहे हैं। पाटीदारों को ओबीसी में आने से रोकने के लिए ओबीसी एकता मंच के बैनर तले ठाकोर भी एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। पाटीदारों का नेतृत्वै हार्दिक पटेल कर रहे हैं वहीं ओबीसी आंदोलन अल्पेंश ठाकोर की अगुवाई में चल रहा है।

गुजरात में दिसंबर 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गत दिनों तूफानी दोरे व मेगा रोड शो के बाद से राज्य में चुनावी माहौल जमने लगा है। इसी बीच पाटीदार व ओबीसी ठाकोर समुदाय को खुश करने के लिए भाजपा एक बडा दांव खेला है। विसनगर से भाजपा के पार्षद अजमल ठाकोर ने गुजरात हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर बताया है कि वर्ष 1994 में तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए आंजणा चौधरी, आंजणा पटेल, अरबी मुसलिम सहित 39 जातियों को गैरकानूनी तरीके से ओबीसी वर्ग में शामिल किया है इससे अन्य पिछडा वर्ग की अन्य जातियों का हित प्रभावित हो रहा है।

वकील रोहित पटेल ने बताया कि वर्ष 1953 के एक कमीशन की रिपोर्ट को करीब 40 साल बात बिना विचार विमर्श के राजनीतिक फायदे के लिए लागू कर दिया, इससे अन्य पिछडी जातियों का हित प्रभावित हो रहा है। जिन 39 जातियों को आनन फानन में ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया उनमें कई जातियों सामाजिक व शैक्षणिक रूप से भी समृद्व हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि जब तक इस मामले में फैसला नहीं आ जाता तब तक सरकारी नौकरियों में भर्ती पर रोक लगे। अदालत ने इस मामले में केन्द्र सरकार को जवाब तलब किया है।

 राजनीति के जानकार बताते हैं कि भाजपा सरकार ने पाटीदार व आरक्षण से वंचित अन्य जातियों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी लेकिन न्यायालय ने उसे असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था। अब पाटीदार व ठाकोर दोनों ही समुदायेां को खुश करने के लिए भाजपा ने यह दांव खेला है। राज्य के आंजणा चौधरी, आंजणा पटेल व आंजणा पाटीदार ओबीसी में शामिल हैं इनके अलावा 35 अन्य जातियां भी ओबीसी से बाहर होती हैं तो पाटीदार तो खुश होंगे ही ओबीसी ठाकोर भी इसे अपनी जातियों के लिए अधिक अवसर के रूप में देख रही हैं।

ओबीसी वर्ग को मिल रहे आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए, जिन जातियों को गलत तरीके से आरक्षण मिल रहा है उनको बाहर करना एक कानूनी प्रक्रिया जो अदालत का अपना अधिकार है। पाटीदार समाज को आरक्षण दिलाने के लिए हमारा आंदोलन जारी है- हार्दिक पटेल, संयोजक पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति।

अहमदाबाद। देश से वीआईपी संस्कृसति को खत्मे करने के प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी के संकल्प को पूरा करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने खुद अपने सरकारी वाहन से लालबत्ती हटा ली। गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, कई मंत्री तथा मुख्य सचिव ने भी लालबत्ती् हटवा दी है।

दक्षिण गुजरात के वलसाड के धरमपुर में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी एक सरकारी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे, वापस लौटते वक्तु रुपाणी खुद अपनी स्कॉीर्पियो पर खडे होकर लालबत्ती को हटा लिया। उधर गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल सहित कई मंत्रियों, मुख्य् सचिव एन के सिंह सहित कई अधिकारियों ने अपने सरकारी वाहन से लालबत्ती हटा ली।

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