भागीरथपुरा जल त्रासदी पर कांग्रेस का मौन मार्च, पीड़ितों के लिए न्याय की मांग

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को कांग्रेस ने इंदौर में न्याय यात्रा निकाली। यह यात्रा बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर राजवाड़ा तक निकाली गई। यात्रा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। राजवाड़ा पहुंचकर नेताओं ने सभा को संबोधित किया।
भागीरथपुरा में जहरीले पानी की आपूर्ति से अब तक 19 लोगों की मौत के मुद्दे को लेकर आयोजित इस न्याय यात्रा में कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए सरकार से पीड़ित नागरिकों के लिए न्याय की मांग करते नजर आए। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की जनता को इस बात पर गर्व था कि उसने शहर को साफ-सुथरा बनाया, लेकिन नगर निगम स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं करा पाया।
25 वर्षों में जनता को क्या मिला?
उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से इंदौर में भाजपा की परिषद है। जनता ने भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन दिया, लेकिन बदले में जनता को क्या मिला। इंदौर से कांग्रेस का एक भी जनप्रतिनिधि विधानसभा में नहीं पहुंचा। जनता ने मुझे भी हराया, फिर भी मैं विपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहा हूं। विपक्ष को मजबूत किया जाएगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा। मुझे विश्वास है कि आने वाला समय कांग्रेस का होगा।
पटवारी बोले- बीते 20 वर्षों में क्या किया गया?
पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इवेंट मैनेजमेंट में लगी हुई है। अब सरकार को वाटर ऑडिट की याद आ रही है, लेकिन बीते 20 वर्षों में क्या किया गया। उन्होंने कहा कि हमने जहरीली शराब से मौतों की खबरें सुनी थीं, लेकिन इंदौर में जहरीले पानी से लोगों की जान चली गई। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक ओर परिवारों में शोक का माहौल है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के लोग भोजन भंडारे कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष में संवेदनशीलता नहीं बची है।
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि एक इंसान को अच्छी हवा और साफ पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन भाजपा सरकार इन बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करने में विफल रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जनता पानी का टैक्स देती है, इसके बावजूद साफ पानी के बजाय जहरीला पानी दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक एक भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
सभी 85 वार्डों से वाहन रैलियां निकाली गईं
कांग्रेस की यह न्याय यात्रा पूरी तरह मौन यात्रा के रूप में आयोजित की गई। यात्रा मार्ग पर किसी प्रकार के स्वागत मंच या द्वार नहीं लगाए गए थे। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर भागीरथपुरा की घटना के लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। यात्रा में शामिल होने के लिए शहर के सभी 85 वार्डों से वाहन रैलियां निकाली गईं। इंदौर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता न्याय यात्रा में शामिल हुए।





