ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में भाग लेने आज भारत पहुंचेंगे पुतिन और जिनपिंग, इन अहम् मुद्द्दो पर होगी चर्चा

ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में भाग लेने आज भारत पहुंचेंगे पुतिन और जिनपिंग, इन अहम् मुद्द्दो पर होगी चर्चागोवा। गोवा में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के लिए रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन और चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को गोवा पहुंचेंगे। सम्‍मेलन के दौरान पीएम मोदी जहां रूसी राष्‍ट्रपति के साथ नए रक्षा सौदों पर हस्‍ताक्षर करेंगे वहीं चीनी राष्‍ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे जिसमें आतंकी मसूद अजहर के अलावा एनएसजी का मुद्दा उठ सकता है।

ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में भाग लेने आज भारत पहुंचेंगे पुतिन और जिनपिंग

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और बिम्सटेक सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन भी शामिल हैं। मोदी कल पुतिन से मिलेंगे। इसके बाद वह चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री सोमवार का ब्राजील के राष्ट्रपति मिचेल टेमर से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के नेताओं से भी मिलेंगे। 16 अक्तूबर को भारत पहुंच रहीं म्यांमार की विदेशमंत्री आंग सान सू की भी मोदी से मिलेंगी।

रूस और भारत के बीच होंगे करीब 18 करार

रूसी राष्ट्रपति के सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से एजेंसी ने बताया है कि भारत ने रूस से वायु रक्षा प्रणाली के पांच सिस्टम खरीदने पर रुचि दिखाई है। उशाकोव ने कहा कि पुतिन और मोदी क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त बयान भी जारी करेंगे। दोनों देश आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के कदमों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच करीब 18 दस्तावेज पर हस्ताक्षर होंगे। उशाकोव ने कहा कि रक्षा सौदे से जुड़े दस्तावेजों पर बंद दरवाजों में दस्तखत किए जाएंगे।

प्रोजेक्ट 11356 फ्रिगेट समेत अन्‍य समझौते

रूस इसके अलावा भारतीय नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 11356 फ्रिगेट के सौदे पर भी हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा रूस की भारत में संयुक्त उपक्रम के जरिए कामोव-226टी हेलीकॉप्टर बनाने की भी योजना है। सुखोई 30-एमकेआई को उन्नत बनाने पर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि परमाणु सहयोग के मुद्दे पर दोनों पक्ष एक जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने और कुडनकुलम परियोजना के तहत इकाई-5 और इकाई-6 के लिए एक ऋण करार तैयार करने का काम कर रहे हैं। इसपर भी शिखर वार्ता में मुहर लगने की संभावना है।

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