‘बैंक से किए गए खाताधारकों का बीमा संबंधी प्रमाणपत्र जारी करें बैंक’

बीमा प्रमाणपत्र के आभाव में उत्तराधिकारी नहीं साबित कर पायेंगे अपना क्लेम

लखनऊ : भारत सरकार की नीतियों के अंतर्गत प्रत्येक बैंक खाताधारक का सस्ते प्रीमियम पर बीमा किया गया है जो एक स्वागत योग्य कदम हैं, जिसका अनुपालन अत्यंत सजगता के साथ हमारी बैंकों द्वारा किया गया। यहाँ तक कि खाताधारक की पूर्व-अनुमति लिए बगैर निर्धारित प्रीमियम बैंक खाते से लिया जाने लगा लेकिन बैंक द्वारा बीमा संबंधी कोई प्रमाणपत्र नहीं जारी किया गया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि उत्तराधिकार्यों के लिए यह साबित कर पाना मुश्किल हो जाएगा कि उनके परिवार के सदस्य का बीमा भी बैंक ने किया था और बीमा संबंधी जानकारी भी बहुतायत लोगों को नहीं है जबकि भारत गांवों और किसानों का देश है।

इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति एकाधिक बैंक का खाताधारक है तो वहां भी बीमा कर दिया गया जबकि निर्धारित नियम के अंतर्गत खाताधारक का परिवार केवल एक जगह से जोखिम का लाभ प्राप्त करने का अधिकारी होगा। यदि उसे प्रत्येक खाते से लाभ मिलेगा तो इसका भी प्रमाणपत्र जारी किया जाना चाहिए। इसकी मांग उठाते हुए ए ऍफ़ टी बार लखनऊ के प्रवक्ता विजय कुमार पाण्डेय ने वित्त सचिव, भारत सरकार और रिजर्व बैंक आफ इंडिया के गवर्नर को पत्र लिखा है। विजय पाण्डेय ने बताया कि आखिर जब खाताधारक बीमा प्रीमियम दे रहा है तो उसको एवं उसके परिवार को क्यों नहीं मालूम होना चाहिए कि उसकी पॉलिसी नम्बर क्या है, बीमा राशि कितने की है। यदि ऐसी हालत में खाताधारक की मौत हो जाती है तो बैंक उसके उत्तराधिकारियों से प्रमाणित करने के लिए कहेगा जो अफसरशाही के दौर में आसान कार्य नहीं है, जो जनहित को प्रभावित करने वाला कार्य है, जिसे त्वरित कदम उठाकर क्रियान्वित किए जाने के जरूरत है।

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