बीटीसी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने भांजी जमकर लाठियां

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं।  पुलिस के लाठीचार्ज में प्रदर्शन कर रहे दर्जनों अभ्यर्थियों के सिर फट गए, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। बीटीसी अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में भेदभाव किया गया है।
लाठीचार्ज में 30 से अधिक प्रदर्शकारियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं पुलिस ने देर शाम 2 दर्जन अभ्यर्थियों के खिलाफ का केस भी दर्ज कर लिया।
 
 
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बता दें, शुक्रवार को विधानभवन के पास दोपहर 1 बजे सैकड़ों बीटीसी अभ्यर्थी प्रदर्शन के लिए पहुंचे। अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे की वजह से हजरतगंज में ट्रैफिक जाम हो गया। यातायात बाधित होता देख पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को सड़क के किनारे ढकेलना शुरू कर दिया।
इस दौरान मौके पर पहुंचे उच्चाधिकारियों के साथ प्रदर्शकारियों से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन वे वे नाकाम रहे। इसके बाद प्रदर्शनकारी और भी उग्र हो गए। प्रदर्शनकारी जैसे ही आगे बढ़े पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। लाठीचार्ज होते ही हर तरफ चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

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आंदोलन की दी चेतावनी 
68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के खाली पद भरे जाने की मांग कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन में न्यूनतम योग्यता 40 से 45 प्रतिशत थी। बाद में सरकार ने इसे घटाकर 30 से 33 प्रतिशत कर दिया, लेकिन परीक्षा का परिणाम 40 से 45 प्रतिशत अहर्ता के आधार पर जारी किया गया। जिसकी वहज से कई अभ्यर्थी उत्तीर्ण नहीं हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 68 हजार 500 सहायक अध्यापक भर्ती में से 28 हजार पद खाली रह गए। और उन्हें अब नौकरी के बदले लाठियां मिल रही हैं। पुलिस की बर्बर कार्रवाई से नाराज अभ्यर्थियों ने भविष्य में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोर्ट में 12 नवंबर को होगी सुनवाई
अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अगर आरोप सही हुए तो भर्ती प्रकिया निरस्त होगी। लेकिन हमारी मांग न्यूनतम अहर्ता और रिक्त पदों को भरे जाने की है। इस मामले में आगामी 12 नवंबर को कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

क्या बोले नेता विपक्ष..
प्रदर्शनकारियों का हाल लेने नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी सिविल अस्पताल पहुंचे। उनके साथ अहमद हसन भी थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया। उन्होंने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने का भी भरोसा दिया है।

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