बिहार: यूपी के रास्ते गोपालगंज पहुंचा विराट शिवलिंग, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

गोपालगंज में जगह-जगह श्रद्धालु विराट शिवलिंग के स्वागत और पूजा-अर्चना के लिए खड़े नजर आए। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई।

पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकिया–केसरिया पथ पर स्थित कैथवलिया में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के लिए लाया जा रहा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग शनिवार को बिहार पहुंच गया। तमिलनाडु से रवाना हुआ यह विशाल शिवलिंग गोपालगंज जिले में प्रवेश करते ही श्रद्धा और आस्था का केंद्र बन गया। कुचायकोट प्रखंड के बलथरी में शिवलिंग के बिहार में प्रवेश के साथ ही श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर फूल-चंदन अर्पित किए।

एक ही पत्थर से बनाया गया इस शिवलिंग को
यह शिवलिंग तमिलनाडु के प्रसिद्ध शिल्प क्षेत्र महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। 33 फुट ऊंचे ब्लैक ग्रेनाइट शिवलिंग को आकार देने में करीब 10 वर्षों की मेहनत लगी है। इसके निर्माण पर लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत आई है। करीब 210 मीट्रिक टन वजनी इस शिवलिंग को विशेष रूप से डिजाइन किए गए 96 चक्कों वाले ट्रक के जरिए कैथवलिया ले जाया जा रहा है। भारी वजन के कारण इसकी यात्रा बेहद सावधानी के साथ कराई जा रही है।

सनातन परंपरा का भी प्रतीक बनेगा यह शिवलिंग
गौरतलब है कि विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष एवं महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने शिलान्यास किया था। 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद से मंदिर की नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। पूर्वी चंपारण के कैथवलिया में बन रहा विराट रामायण मंदिर आकार और भव्यता दोनों ही दृष्टि से विशेष होगा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, यहां स्थापित किया जाने वाला यह विशाल शिवलिंग न केवल अपने आकार के कारण विशिष्ट होगा, बल्कि रामायण की आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपरा का भी प्रतीक बनेगा।

33 फुट ऊंचा, 33 फीट गोल और 210 मीट्रिक टन वजन
विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा, जो 33 फुट ऊंचा, 33 फीट गोल और 210 मीट्रिक टन वजन का होगा। इस समय तामिलनाडु के तंजौर में सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है, जिसे चोल वंश के राजा ने बनवाया था। प्लिंथ के बाद तीन फ्लोर बनेंगे। प्रत्येक फ्लोर 18 फुट ऊंचा होगा। दूसरे चरण के काम पर 185 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीसरे चरण में शिखर बनेगा और पूरे मंदिर को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंदिर में कुल 12 शिखर होंगे, जिनमें मुख्य शिखर 270 फुट उंचा होगा। अभी तक मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट ने चंदा नहीं लिया है।

115 एकड़ में बन रहा है निर्माणाधीन मंदिर
मंदिर के निर्माण का खर्च महावीर मंदिर ट्रस्ट अपने आंतरिक स्त्रोत से कर रहा है। मंदिर का कार्य निविदा के आधार पर मेसर्स सनटेक इंफ्रा सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है, जिसका पर्यवेक्षण टाटा इंजीनियरिंग लिमिटेड करेगी। विराट रामायण मंदिर पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया गांव में करीब 115 एकड़ में निर्माणाधीन है। मंदिर परिसर में इसी विशाल शिवलिंग को स्थापित किया जाएगा। निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, नवंबर माह में पूजा-पाठ के बाद इसे मोतिहारी भेजा गया है। संभावना है कि खरमास के बाद इसे स्थापित कर दिया जाएगा।

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