बिहार में खुलेंगी 20 नई फैक्ट्रियां, 125 करोड़ निवेश से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा निदेशक कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमिटी (PCC) की बैठक में 20 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित करने का फैसला लिया गया। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
125 करोड़ से ज्यादा निवेश, 1187 नौकरियां
इन स्वीकृत परियोजनाओं से करीब 125.39 करोड़ रुपये का निवेश आने का अनुमान है। सबसे खास बात यह है कि इन इकाइयों से लगभग 1187 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। आवंटित भूमि कुल 9.637 एकड़ है, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित है।
प्लग एंड प्ले मॉडल से तेज स्थापना
सभी इकाइयों को प्लग एंड प्ले शेड के रूप में जमीन दी गई है। इस सुविधा के चलते निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में न तो ज्यादा समय लगेगा और न ही अतिरिक्त खर्च। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल से उद्योग जल्द से जल्द उत्पादन शुरू कर सकेंगे, जिससे राज्य की औद्योगिक गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी।
विविध सेक्टर में निवेश की लहर
ये नई इकाइयां कई क्षेत्रों से जुड़ी हैं – आईटी और आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और जनरल मैन्युफैक्चरिंग। इससे साफ है कि बिहार अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी और आधुनिक सेक्टर में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। यह विविधता राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।
प्रमुख शहरों पर खास फोकस
जमीन आवंटन मुख्य रूप से पटना, पूर्णिया, गया और मुजफ्फरपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में किया गया है। ये इलाके पहले से ही अच्छी कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। इन क्षेत्रों में नई यूनिट्स लगने से स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा और आसपास के सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज को भी बूस्ट मिलेगा।
आवंटन प्राप्त करने वाली प्रमुख कंपनियों में ओम शक्ति कैटल फीड्स प्राइवेट लिमिटेड, कॉर्पोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, हिकेन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, किंग्सशाही इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, प्रेरणा इंजीनियरिंग एजुकेशन ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड और वेदारका बोटेनिकल्स जैसी नाम शामिल हैं। ये कंपनियां अपने सेक्टर में निवेश के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेंगी।
बिहार सरकार की यह पहल राज्य को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में ऐसे और निवेशों की उम्मीद की जा रही है।





