बिलावर के जंगलों में दहशतगर्दों की घेराबंदी, ड्रोन-हेलिकॉप्टर से जैश आतंकियों की तलाश तेज

कठुआ के बिलावर क्षेत्र के कमाद नाला जंगल में मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने ड्रोन और हेलिकॉप्टर की मदद से तलाशी अभियान तेज कर दिया है। जंगल में एक आतंकी ठिकाना ध्वस्त किया गया है और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अबू मावेया व उसके साथियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

कठुआ के उपजिला बिलावर के कमाद नाला में मुठभेड़ के बाद दूसरे दिन वीरवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। घने जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश में हेलिकॉप्टर और ड्रोन लगाए हैं। सुरक्षाबलों ने जंगल में एक आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया है। जंगल के पूरे इलाके को घेर रखा है।

वीरवार रात गोलीबारी में एक जवान के मामूली रूप से घायल होने की सूचना है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने वीरवार सुबह होते ही धनु परोल, कमाद नाला जंगल में फिर ऑपरेशन शुरू किया। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई। दिनभर आईजी भीम सेन टूटी और डीआईजी शिवकुमार शर्मा ऑपरेशन में शामिल रहे।

आईजी ने एक पोस्ट में बताया कि जवान अंधेरा, घने जंगल और कठिन क्षेत्र होने के बावजूद ऑपरेशन चला रहे हैं। सीआरपीएफ भी ऑपरेशन में शामिल है। सूत्रों ने बताया कि कमाद नाला के जंगल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अबू मावेया और उसके साथी छिपे हुए हैं। इनके पास नाइट विजन से लैस अत्याधुनिक एम4 राइफल होने की आशंका है।

खड़ी ढलान पर था आतंकी ठिकाना, जंगल की ओर भाग निकले आतंकी: आतंकी कोहग और धनु परोल के बीच कमाद नाला, कालाबन के जंगलों में छिपकर बैठे थे। यहां किसी के लिए आसानी से पहुंच पाना संभव नहीं था। आतंकियों ने पहाड़ी की खड़ी ढलान पर छिपने का ठिकाना बनाया हुआ था। जहां किसी व्यक्ति का खड़ा हो पाना भी बेहद मुश्किल था। सुरक्षाबलों की चुनौती पर आतंकी जंगल में भाग गए हैं। सूत्रों के अनुसार आतंकी ठिकाने से दस्ताने, बर्तन व तिरपाल बरामद की गई है।

उधमपुर-कठुआ के जंगलों में छिप रहे आतंकी
उधमपुर, कठुआ और डोडा के पहाड़ी इलाकों में सर्दी बढ़ने व बर्फबारी पर आतंकी छिपने के लिए निचले जंगलों में ठिकाने बना रहे हैं। दिसंबर में उधमपुर में कठुआ जिले धन पुरोल से सटे इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। आतंकी अब इससे मात्र 15 से 20 किलोमीटर दूर ठिकाना बनाकर छिपे हुए थे।

पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ ने आतंकियों को ढेर करने के लिए भागने के हर रूट पर पहरा बढ़ा दिया है। वहीं, बताया जा रहा है कि आतंकियों का यह दल इलाके में तीन साल से सक्रिय है। वर्ष 2023 में बसंतगढ़ (उधमपुर) में वीडीजी सदस्य की हत्या के साथ आतंकियाें ने इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ाई थी। इसके बाद कई मुठभेड़ हो चुकी हैं। आंतकी छत्रगला से लेकर डोडा व उधमपुर से लेकर कठुआ के लोहाई मल्हार के जंगलों में सुरक्षाबलों से बचते फिर रहे हैं। लंबे समय तक आतंकियों का जिंदा बचे रहना एक चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने कठुआ जिले में बीते साल 39 आतंकी मददगारों पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगाया है। ऐसे में आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मिल रही मदद से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

उड़ी में ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान से दागा गया शेल बरामद
सुरक्षाबलों ने वीरवार को बारामुला जिले में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से दागा गया आर्टिलरी शेल बरामद किया। इसेे निष्क्रिय कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह शेल नियंत्रण रेखा से सटे उड़ी के गरकोट गांव के पास पड़ा था। सेना की 12 ग्रेनेडियर्स बटालियन ने इसे देखते ही उड़ी पुलिस थाने को सूचना दी। पुलिस का बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और सेना के साथ मिलकर शेल को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इससे पहले स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाके को सुरक्षित कर लिया गया।

अब सांबा में दिखा संदिग्ध, हाईवे का रास्ता पूछा, शॉल में छिपाई थी बंदूक
कठुआ के बिलावर में चल रहे तलाशी अभियान के बीच वीरवार को सांबा के कटली गांव में एक संदिग्ध देखा गया। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया है। ग्रामीण ने बताया कि तड़के उनके घर के बाहर एक संदिग्ध ने हाईवे का रास्ता पूछा। वह मोटरसाइकिल पर था।

उसने बंदूक को शाॅल के अंदर छिपा रखा था। संदिग्ध हड़बड़ाहट में था और हाईवे की तरफ चला गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर देर शाम तक खंगाला। संदिग्ध मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है। एजेंसियां किसी भी खतरे से निपटने के लिए सतर्क हैं। पुलिस और सुरक्षाबलों ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षाबलों को देने की अपील की है।

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