बिना परमिट के यात्रियों को दिल्ली का करते

आये दिन सड़क दुर्घटना से बचने के लिए जहां परिवहन विभाग कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह देती है। वहीं दूसरी ओर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र जोगबनी, फारबिसगंज सहित जिले के विभिन्न स्थानों से पर्यटन की आड़ में बिना परमिट की बसें बेरोकटोक यात्री को दिल्ली ले जाती है। खासकर मजदूरों को। 

ऐसा नहीं कि यह गोरखधंधा चोरी छिपे हो रही है बल्कि परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है। इन बसों में टूरिस्ट का बोर्ड लगाकर नियमित रूप से प्रचार-प्रसार के साथ-साथ यात्रियों को ढोया जा रहा है। स्थानीय सरयू मिश्र बस स्टैंड पर टूरिस्ट बस पर बैठे यात्री राजेश शर्मा, राकेश राम, शंभू राम, दिनेश कुमार, जगदीश ऋषिदेव, मनोज सरदार, नागेश राम आदि ने बताया कि वे लोग दिल्ली में विभिन्न जगहों पर मजदूरी का काम करते हैं।

उनलोगों को बस पर ठुस-ठुसकर बैठाया जाता है। ट्रेवल्स के नाम पर कोई सुविधा नही मिलता है। इस संबंध में डीटीओ सबल कुमार ने कहा कि यह मामला गंभीर है और वे इस मामले की जानकारी एमवीआई को देकर जांच व कार्रवाई करने का निर्देश देंगे। उन्होंने यात्री की सुविधा की बात पर पुलिस की जिम्मेवारी की बात कही। सूत्रों की मानें तो परिवहन विभाग, एमभीआई और स्थानीय पुलिस प्रशासन की जानकारी में यह गोरखधंधा चल रहा है। यहां तक कि उक्त बस के चालक ने भी स्वीकार किया कि उनके पास टूर का परमिट है। यात्री ढोने का कोई परमिट नहीं है। उन्होंने जोगबनी सहित फारबिसगंज एवं जिले के अन्य स्थानों से खास कर मजदूर वर्ग के यात्रियों को लेकर दिल्ली जाने की बात कही।

Back to top button