बाबरी मामला : 23 को मुरली मनोहर जोशी और 24 जुलाई को आडवाणी का होगा बयान दर्ज

लखनऊ। राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विध्वंस प्रकरण में आज आरोपी सुधीर कक्कड़ ने अपना बयान दर्ज कराते हुए कहा है कि उन्हें इस मामले में फर्जी फंसाया गया है। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। आरोपी का बयान दर्ज करने के बाद विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने आरोपी रामचंद्र खत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान दर्ज करने के लिए 21 जुलाई की तिथि नियत की है।
यद्यपि आज सोमवार को कोरोना पॉजिटिव का मामला होने के कारण दीवानी न्यायालय में अवकाश घोषित कर दिया गया था परंतु आरोपित सुधीर कक्कड़ के आने की सूचना मिलने के उपरांत एवं उनके वकीलों के अनुरोध पर विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने अदालत में काम करने का फैसला लेते हुए बयान दर्ज करने की कार्रवाई प्रारंभ की।
इस दौरान अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता ललित कुमार सिंह पूर्णेन्दु चक्रवर्ती एवं आर के यादव उपस्थित थे जबकि बचाव पक्ष की ओर से आरोपित सुधीर कक्कड़ के साथ उनके अधिवक्ता विमल कुमार श्रीवास्तव एवं केके मिश्रा मौजूद थे। अदालत ने आरोपित का बयान दर्ज करने के बाद अपने आदेश में कहा है कि क्योंकि रामचंद्र खत्री मौजूदा समय में हरियाणा की पानीपत जेल में वर्ष 2018 से हत्या के प्रयास के एक मामले में निरूद्ध है। अदालत ने रामचंद्र खत्री का बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज करने के लिए इसके पूर्व भी एनआईसी के निदेशक एवं पानीपत जेल के जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज किए जाने को कहा था।
अदालत मैं अब तक कुल 27 आरोपितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं तथा शेष पांच आरोपितों के बयान दर्ज किया जाना शेष था लेकिन आरोपी ओम प्रकाश पांडे के फरार होने के कारण अब केवल चार आरोपियों रामचंद्र खत्री सतीश प्रधान मुरली मनोहर जोशी एवं लालकृष्ण आडवाणी का बयान दर्ज किया जाना बाकी है।
अदालत ने कहा है कि इन सभी आरोपितों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज किया जाना है लिहाजा आगामी 21 जुलाई को रामचंद्र खत्री 22 जुलाई को सतीश प्रधान 23 जुलाई को मुरली मनोहर जोशी एवं 24 जुलाई को लालकृष्ण आडवाणी का बयान दर्ज किया जाना सुनिश्चित किया जाता है। अदालत ने कहा है कि बचाव पक्ष इन तिथियों मे अपने अभियुक्तों का बयान दर्ज किए जाने के संबंध में सूचना देना सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस प्रकरण के अपराधिक मामले की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है तथा विशेष अदालत को निर्देश है कि वह दिन प्रतिदिन सुनवाई कर मामले का निस्तारण 31 अगस्त के पूर्व किया जाना सुनिश्चित करें। अदालत में बयान दर्ज करने की कार्यवाही 21 जुलाई को भी होगी।





