बाढ़ से निपटने के लिए कागजों पर दौड़ाए जा रहे घोड़े


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नहीं पहुंची मंत्री, अधिकारियों ने ली राहत
बाढ़ राज्य मंत्री स्वाती सिंह के चरसढ़ी बांध के निरीक्षण को लेकर रविवार सुबह से सक्रिय जिले के आला अफसरों ने राज्यमंत्री के प्रोग्राम के निरस्त होने की खबर से राहत की सांस ली। इस बीच कई जिम्मेदार अधिकारी राजधानी निकल गए। जिस तरह से घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है। उससे गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है। दो दिनों में करीब चार दर्जन गांव जो घाघरा के मुहाने पर हैं, उनमें बाढ़ आ जायेगी। नदी में पानी लगातार बढ़ने से घाघरा का पानी भूमि को काटता हुआ बांध के समीप आ चुका है। अब वह बांध को पार कर गांवों में घुसने को बेताब है। जिसको लेकर ग्रामीणों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। प्रशासन महज बाढ़ से निपटने की योजना बनाकर फाइलों में बाढ़ से निपटने की तैयारी में हैं।
कम पड़ने पर फैजाबाद से आएंगी नाव
फतेहपुर के एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि पुरानी नावों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए है। नई नावों के खरीदने का स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। रामसनेहीघाट के एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि पुरानी नावें गांव में होगी। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। कम पड़ने पर अयोध्या व फैजाबाद से नावें मंगा ली जाएगी। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुशील प्रताप सिंह का कहना है कि बाढ़ की तैयारियां पूरी है। नावों कहां से मिलेगी इसे चिंहित कर लिया गया है। एसडीएम रामनगर लव कुमार सिंह ने बताया कि नावों की मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई है। बाकी चौकी व बाढ़ राहत शिविर के स्थल चिंहित कर लिए गए है और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।





