बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचे राहुल गांधी, बोले- राजस्थान में सरकार ने कम काम किया

जयपुर.राजस्थान में बाढ़ के हालात का दौरा करने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे। बाड़मेर में सचिन पायलट और अशोक गहलोत ने उन्हे रिसीव किया। इसके बाद वे यहां से सांचौर में बाढ़ के हालात का दौरा करने पहुंचे हैं। जिसके बाद वे राजस्थान के कई बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे।कैसा रहेगा कार्यक्रम…

– राहुल सबसे पहले डेडवा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों के बीच जाकर उनसे बात भी की।
– इसके साथ राहुल डावल गांव पहुंचे। यहां वे बच्चों से मिलकर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। महिलाओं से पूछा कि बाढ़ के बाद अब कैसी स्थिती है। खेती बाड़ी कैसी है।
– राहुल बोले कि सरकार ने राजस्थान में कम काम किया है। हम सरकार पर दबाव डालेंगे जिससे काम में तेजी आए।
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– राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस लोगों के दुखदर्द में साथी है। सरकार हमारी नहीं है, लेकिन हम आवाज जरूर उठाएंगे।
– इन गांवों में राहुल केवर 20 से 25 मिनट तक रुके।
– इस दौरान सचिन पायलट ने कहा कि गुजरात में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को 500 करोड़ की मदद की गई है। इस मदद का हम स्वागत करते हैं।
– वहीं राजस्थान के लिए किसी तरह के एलान नहीं किए गए।
– वहीं राजस्थान के लिए किसी तरह के एलान नहीं किए गए।
कैसे है बाढ़ ग्रस्त इलाकों के हालात
– सांचौर उपखंड क्षेत्र में आई बाढ़ के करीब 10 दिन गुजर जाने के बाद भी कई गांवों का हालात जानने के लिए अभी तक प्रशासन नहीं पहुंच पाया है। – क्षेत्र के ऐसे कई गांव है जहां लोग आज भी बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं।
– उनके पास खाने के लिए भोजन नहीं है तो बीमारी से ग्रसित लोगों के पास दवाइयां नहीं है। बाढ़ से उत्पन्न हुए मच्छरों को रोकने के लिए मच्छरदानी नहीं है।
– हालात यह है कि गांव में कई प्रसुताओं को अस्पताल में ले जाने के लिए कोई साधन नहीं है।
– गांव के लोगों द्वारा अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाने के बाद भी इन गांवों पर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है।
– वहीं भाटवास के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रमुख वन्नेसिंह गोहिल सांसद देवजी एम पटेल को फोन पर अवगत करवाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली।
– ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रमुख की ओर से तो वोटों की राजनीति की जाने लगी है। लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रमुख ने मदद मांगने पर उन्हें कहा कि उन्होंने वोट नहीं दिए हैं उनकी मदद कैसे कर सकते हैं।
– सांचौर उपखंड क्षेत्र में आई बाढ़ के करीब 10 दिन गुजर जाने के बाद भी कई गांवों का हालात जानने के लिए अभी तक प्रशासन नहीं पहुंच पाया है। – क्षेत्र के ऐसे कई गांव है जहां लोग आज भी बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं।
– उनके पास खाने के लिए भोजन नहीं है तो बीमारी से ग्रसित लोगों के पास दवाइयां नहीं है। बाढ़ से उत्पन्न हुए मच्छरों को रोकने के लिए मच्छरदानी नहीं है।
– हालात यह है कि गांव में कई प्रसुताओं को अस्पताल में ले जाने के लिए कोई साधन नहीं है।
– गांव के लोगों द्वारा अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाने के बाद भी इन गांवों पर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है।
– वहीं भाटवास के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रमुख वन्नेसिंह गोहिल सांसद देवजी एम पटेल को फोन पर अवगत करवाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली।
– ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रमुख की ओर से तो वोटों की राजनीति की जाने लगी है। लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रमुख ने मदद मांगने पर उन्हें कहा कि उन्होंने वोट नहीं दिए हैं उनकी मदद कैसे कर सकते हैं।
क्षेत्र के 7 गांव जहां अभी तक नहीं पहुंची राहत सामग्री प्रशासन
– उपखंड क्षेत्र के छह गांव है जहां बाढ़ आए दस दिन बीत जाने के बाद भी राहत सामग्री का इंतजार बना हुआ है।
– उपखंड क्षेत्र के टेंबी, मरठवा, भाटवास, आकोडिय़ा, हाजीपूर, रिड़का, कुकडिय़ा गांव के लोग आज भी राहत सामग्री का इंतजार कर रहे हैं।
– वहीं इस गांव में अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं पहुंच पाया है। वहीं भाटवास गांव में 2 प्रसूताओं को कभी प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले जाने की नौबत सकती है, लेकिन ग्रामीणों के पास कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
– उपखंड क्षेत्र के छह गांव है जहां बाढ़ आए दस दिन बीत जाने के बाद भी राहत सामग्री का इंतजार बना हुआ है।
– उपखंड क्षेत्र के टेंबी, मरठवा, भाटवास, आकोडिय़ा, हाजीपूर, रिड़का, कुकडिय़ा गांव के लोग आज भी राहत सामग्री का इंतजार कर रहे हैं।
– वहीं इस गांव में अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं पहुंच पाया है। वहीं भाटवास गांव में 2 प्रसूताओं को कभी प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले जाने की नौबत सकती है, लेकिन ग्रामीणों के पास कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हैलीकॉप्टर से भी हर गांव में पहुंची राहत सामग्री लेकिन इन 7 गांवों में नहीं
– उपखंड क्षेत्र के इन छह गांवों में बाढ़ ने पूरी तरह से घिर जाने के बाद हर गांव में राहत सामग्री पहुंचाई गई थी। जिसमें नावों हैलीकॉप्टर की मदद भी ली गई।
– हेलीकॉप्टर से जनप्रतिनिधि खुद सवार होकर राहत सामग्री पहुंचाने गये थे, जिसमें जिला प्रमुख भी सवार होकर कई गांवों में पहुंचे।
– वहीं ग्रामीणों ने पहले भी जिला प्रमुख को ग्राम की हालात बता दी थी उसके बाद भी हेलीकॉप्टर लेकर इस गांव में मदद करने नहीं पहुंचे थे।
– उपखंड क्षेत्र के इन छह गांवों में बाढ़ ने पूरी तरह से घिर जाने के बाद हर गांव में राहत सामग्री पहुंचाई गई थी। जिसमें नावों हैलीकॉप्टर की मदद भी ली गई।
– हेलीकॉप्टर से जनप्रतिनिधि खुद सवार होकर राहत सामग्री पहुंचाने गये थे, जिसमें जिला प्रमुख भी सवार होकर कई गांवों में पहुंचे।
– वहीं ग्रामीणों ने पहले भी जिला प्रमुख को ग्राम की हालात बता दी थी उसके बाद भी हेलीकॉप्टर लेकर इस गांव में मदद करने नहीं पहुंचे थे।





