बप्पा की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना भुगतना पड़ सकता है भारी नुकसान

माघ महीने की विनायक चतुर्थी, जिसे गणेश जयंती (Ganesh Chaturthi 2026) के रूप में आज मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने का सबसे बड़ा दिन है। मंगलमूर्ति गणेश जी की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन में सुख-शांति आती है, लेकिन शास्त्रों में उनकी पूजा के कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन साधक को जरूर करना चाहिए।
अक्सर भक्त उत्साह में अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का फल मिलने के बजाय नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है। अगर आप भी बप्पा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो उनकी पूजा में इन 5 बड़ी गलतियों से बचें।
भूलकर भी न करें ये गलतियां (Na Karen Ye Galtiya)
पूजा में तुलसी का प्रयोग
गणेश जी की पूजा में सबसे बड़ी भूल तुलसी दल का उपयोग करना है। पौराणिक कथा के अनुसार, गणेश जी ने देवी तुलसी को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था। उनकी पूजा में तुलसी चढ़ाने से वे रुष्ट हो सकते हैं, जिससे घर की शांति भी भंग हो सकती है। इसलिए गणेश जी की पूजा में गलती से तुलसी पत्र शामिल न करें।
रात को चंद्र दर्शन करना
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति पर बिना किसी दोष के बदनामी और झूठे आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अगर गलती से चांद दिख जाए, तो तुरंत गणेश जी से क्षमा मांगें और कान्हा जी का ध्यान करें।
अंधेरे में बप्पा के दर्शन
कभी भी भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन अंधेरे में नहीं करने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अंधेरे में मूर्ति देखना आत्मविश्वास में कमी और कार्यों में बाधा का कारण बनता है। इसलिए इस दिन अखंड दीपक जलाएं और बप्पा की पूजा करें।
गणेश जी की पीठ देखना
भगवान गणेश की मूर्ति के सामने से दर्शन करना शुभ होता है, लेकिन उनकी पीठ के दर्शन कभी नहीं करने चाहिए। माना जाता है कि गणेश जी की पीठ पर दरिद्रता का वास होता है। इसलिए मूर्ति इस प्रकार स्थापित करें कि उसकी पीठ दीवार की ओर हो और आपको कभी पीठ न देखनी पड़े।
तामसिक भोजन
इस दिन घर में मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का प्रयोग गलती से भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा किसी को कष्ट न पहुंचाएं और न ही किसी पर गुस्सा करें। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में कलह होती है, वहां पर भगवान गणेश और लक्ष्मी जी कभी वास नहीं करते हैं।
करें ये काम (Ganesh Ji Puja Rules)
बप्पा को हमेशा लाल सिंदूर और लाल फूल विशेषकर गुड़हल का फूल चढ़ाएं।
उन्हें 21 दूर्वा “ॐ गणाधिपाय नमः” कहते हुए चढ़ाएं।
भोग में मोदक व मोतीचूर के लड्डू जरूर शामिल करें।





