बदहाल जिदंगी जीने को मजबूर है इस्लामिक स्टेट का सरगना बगदादी- एक्सपर्ट्स

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का सरगना अबु बकर अल बगदादी जिंदा है लेकिन एक बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर है। विशेषज्ञों की राय है कि बगदादी अपने दो सबसे महत्वपूर्ण केंद्र (मोसुल और रक्का) को खोने की कगार पर है। साथ ही, उसे पकड़ने और मौत के घाट उतारने में अभी भी कुछ और वर्ष लग सकते हैं।
बदहाल जिदंगी जीने को मजबूर है इस्लामिक स्टेट का सरगना बगदादी- एक्सपर्ट्स
 
विशेषज्ञों का मानना है कि बगदादी और उसके लड़ाकों के हाथों से संगठन के दो सबसे महत्वपूर्ण गढ़ मोसुल और रक्का निकल चुके हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि बगदादी इन दोनों ही गढ़ से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर किसी रेगिस्तान में पनाह लिए हुए है।

ये भी पढ़े: दो नागरिकों की मौत पर तिलमिलाया पाक, भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को किया तलब

कुर्दिस्तान के आतंक रोधी संगठन के मुखिया लाहुर तालाबने ने रॉयटर्स को बताया कि वह चाहे कहीं भी छिपकर रह ले, लेकिन अंत में उसका पकड़ा जाना और मौत निश्चित है। वह हमेशा के लिए भूमिगत नहीं रहेगा।’

हालांकि उन्होंने कहा कि इसमें अभी कुछ सालों का वक्त लगेगा।

वहीं दूसरी तरफ आईएस से जुड़े मुद्दों पर मिडिल ईस्ट सरकार को राय देने वाले हिशाम अल हाशमी ने कहा कि ‘इस समय बगदादी की सबसे बड़ी चिंता उस पर घोषित 25 मिलियन डॉलर (करीब 160 करोड़) के इनामी राशि के लालच में उसके आसपास के लोग ही विश्वासघात न कर दे।’

हाशमी ने बताया कि ‘जैसे-जैसे बगदादी के काबू वाले गढ़ को खो रहा है वैसे-वैसे उसके समर्थक लड़ाकों की संख्या में भी कमी आ रही है।’

वहीं इराकी सुरक्षा बल आतंकवादियों से भीषण लड़ाई लड़ते हुए उत्तरी इराक के पूर्वी भाग में आईएस का गढ़ माने जाने वाले मोसुल पर कब्जा किया हुआ है। 

गौरतलब है कि बगदादी को आखिरी बार 2014 में  मोसुल की अल नूरी मस्जिद में देखा गया था। इसके बाद से उसे किसी ने भी सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा।

Back to top button